बलिया में महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम के तत्वावधान में भृगु काशी के पवित्र गंगा तट पर भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। इस श्रद्धा और भक्तिपूर्ण कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां गंगा की आराधना कर सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। गुरुकुल के बटुकों द्वारा विधि-विधान से शिवार्चन भी किया गया। गुरुकुलम के आचार्यों और बटुकों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। शंखनाद, घंटियों की ध्वनि और वैदिक ऋचाओं के उच्चारण से गंगा घाट का माहौल अत्यंत दिव्य हो उठा। उपस्थित श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देखकर भावविभोर हो गए।
इस अवसर पर आचार्य मोहित पाठक ने गंगा दशहरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन सभ्यता की जीवनधारा हैं। उन्होंने समाज से गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया और युवाओं को वेद, संस्कार तथा धर्म रक्षा के महत्व को समझाते हुए भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया।


