राजगीर मलमास मेले में झूलों का संचालन बंद, भड़के संचालक:झूला, थियेटर बंद होने से फीकी पड़ी मेले की रौनक; मायूस होकर लौट रहे सैलानी

राजगीर मलमास मेले में झूलों का संचालन बंद, भड़के संचालक:झूला, थियेटर बंद होने से फीकी पड़ी मेले की रौनक; मायूस होकर लौट रहे सैलानी

विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले में एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन द्वारा बरती जा रही सख्ती के विरोध में मेला संचालकों और खेल-तमाशा लगाने वालों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। संचालकों ने प्रशासन के समय सीमा के आदेश का कड़ा विरोध करते हुए मंगलवार की शाम से मेले में लगे थियेटर, सर्कस, झूला, जादूगर समेत मनोरंजन के सभी साधनों को अचानक बंद कर दिया है। मनोरंजन के इन साधनों के शटर गिर जाने से मेले की रौनक पूरी तरह से फीकी पड़ गई है और दूर-दराज से मनोरंजन की आस लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं व सैलानियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। बंद पड़े झूलों की 3 तस्वीरें देखिए रात 11:30 बजे की समय सीमा पर ठना विवाद विवाद की मुख्य वजह प्रशासन द्वारा तय की गई संचालन की समय सीमा है। प्रशासन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मेले में मनोरंजन के साधनों को रात 11:30 बजे तक ही संचालित करने की अनुमति दे रहा है। इसके विपरीत, संचालकों की मांग है कि उन्हें पूरी रात इन साधनों को संचालित करने की छूट दी जाए, क्योंकि मेले में रात के वक्त ही भारी भीड़ उमड़ती है। प्रशासन के इसी निर्देश से भड़के संचालकों ने एकजुट होकर मंगलवार शाम से हड़ताल कर दी है। सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद जागा था प्रशासन ज्ञात हो कि सोमवार की रात मेले में ‘सुनामी’ झूले से गिरकर एक 18 वर्षीय युवक अमन कुमार की दर्दनाक मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि वह झूला बिना प्रशासनिक अनुमति के चल रहा था और सुरक्षा बेल्ट टूटने से हादसा हुआ था। इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सुरक्षा मानकों के मद्देनजर सभी बड़े झूलों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने समय सीमा का भी कड़ाई से पालन कराना शुरू किया, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ। एसडीओ बोले- अन्य मनोरंजन साधन संचालकों ने अपनी मर्जी से किए हैं बंद इस पूरे घटनाक्रम पर राजगीर एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने प्रशासनिक पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि सोमवार को झूले से गिरकर युवक की मौत के बाद जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल बड़े झूलों के संचालन पर एहतियातन रोक लगाई गई थी। प्रशासन ने थियेटर या अन्य छोटे मनोरंजन साधनों को बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया है। एसडीओ ने बताया कि अन्य मनोरंजन साधनों के संचालकों ने अपनी मर्जी से यह बंदी की है। फिलहाल इस गतिरोध को दूर करने के लिए प्रशासन की ओर से संचालकों के साथ सकारात्मक वार्ता की जा रही है, ताकि मेले में आए श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और रौनक दोबारा लौट सके। विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले में एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन द्वारा बरती जा रही सख्ती के विरोध में मेला संचालकों और खेल-तमाशा लगाने वालों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। संचालकों ने प्रशासन के समय सीमा के आदेश का कड़ा विरोध करते हुए मंगलवार की शाम से मेले में लगे थियेटर, सर्कस, झूला, जादूगर समेत मनोरंजन के सभी साधनों को अचानक बंद कर दिया है। मनोरंजन के इन साधनों के शटर गिर जाने से मेले की रौनक पूरी तरह से फीकी पड़ गई है और दूर-दराज से मनोरंजन की आस लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं व सैलानियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। बंद पड़े झूलों की 3 तस्वीरें देखिए रात 11:30 बजे की समय सीमा पर ठना विवाद विवाद की मुख्य वजह प्रशासन द्वारा तय की गई संचालन की समय सीमा है। प्रशासन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मेले में मनोरंजन के साधनों को रात 11:30 बजे तक ही संचालित करने की अनुमति दे रहा है। इसके विपरीत, संचालकों की मांग है कि उन्हें पूरी रात इन साधनों को संचालित करने की छूट दी जाए, क्योंकि मेले में रात के वक्त ही भारी भीड़ उमड़ती है। प्रशासन के इसी निर्देश से भड़के संचालकों ने एकजुट होकर मंगलवार शाम से हड़ताल कर दी है। सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद जागा था प्रशासन ज्ञात हो कि सोमवार की रात मेले में ‘सुनामी’ झूले से गिरकर एक 18 वर्षीय युवक अमन कुमार की दर्दनाक मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि वह झूला बिना प्रशासनिक अनुमति के चल रहा था और सुरक्षा बेल्ट टूटने से हादसा हुआ था। इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सुरक्षा मानकों के मद्देनजर सभी बड़े झूलों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने समय सीमा का भी कड़ाई से पालन कराना शुरू किया, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ। एसडीओ बोले- अन्य मनोरंजन साधन संचालकों ने अपनी मर्जी से किए हैं बंद इस पूरे घटनाक्रम पर राजगीर एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने प्रशासनिक पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि सोमवार को झूले से गिरकर युवक की मौत के बाद जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल बड़े झूलों के संचालन पर एहतियातन रोक लगाई गई थी। प्रशासन ने थियेटर या अन्य छोटे मनोरंजन साधनों को बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया है। एसडीओ ने बताया कि अन्य मनोरंजन साधनों के संचालकों ने अपनी मर्जी से यह बंदी की है। फिलहाल इस गतिरोध को दूर करने के लिए प्रशासन की ओर से संचालकों के साथ सकारात्मक वार्ता की जा रही है, ताकि मेले में आए श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और रौनक दोबारा लौट सके।  

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