मलमास मेले में सोमवार की रात एक बड़ी लापरवाही ने एक होनहार छात्र की जान ले ली। मेले में लगे ‘सुनामी’ झूले से गिरकर 18 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। मृतक की पहचान नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र स्थित विक्कू गांव निवासी विपिन कुमार के पुत्र अमन कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस ने झूला संचालक को गिरफ्तार कर लिया है और सुरक्षा कारणों से मेले में लगे सभी झूलों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। पहले हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें… सुरक्षा बेल्ट टूटने से हुआ हादसा अमन राजगीर के सरस्वती विद्या मंदिर (हसनपुर) में 10+2 का छात्र था। सोमवार रात वह अपने चचेरे भाई प्रिंस के और परिवार के साथ मेला घूमने गया था। प्रिंस ने बताया कि दोनों ‘सुनामी’ झूले पर सवार थे। झूला शुरू होने के कुछ ही देर बाद अमन की सीट का सुरक्षा बेल्ट अचानक टूट गया। अमन खुद को संभाल नहीं पाया और झूले से सीधे लोहे के पोल से जा टकराया, जिसके बाद वह धड़ाम से जमीन पर गिर गया। पटना ले जाने के दौरान फतुहा में तोड़ा दम गंभीर रूप से जख्मी अमन को आनन-फानन में राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे विम्स (पावापुरी) रेफर कर दिया। पावापुरी में भी हालत चिंताजनक बनी रही, जिसके बाद परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए रात में ही पटना ले जा रहे थे। इसी दौरान रात करीब एक बजे फतुहा के पास अमन ने दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। बिना अनुमति धड़ल्ले से चल रहा था जानलेवा झूला इस हादसे ने मेले में प्रशासनिक निगरानी और झूला संचालकों की मनमानी की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि मां दुर्गेश्वरी मनोरंजन डिजनीलैंड मेला प्रबंधन द्वारा कई झूलों की अनुमति ली गई थी। इनमें चार टावर झूला, चार ब्रेक डांस, तीन टोरा-टोरा, दो मारुति सर्कस (मौत का कुआं), एक गैवेरी, तीन नाव, दो फिरवी और एक राम मंदिर झूला शामिल था। लेकिन, जिस ‘सुनामी’ झूले से यह जानलेवा हादसा हुआ, उसे चलाने की कोई अनुमति प्रशासन से नहीं ली गई थी (स्ट्रिंग टावर झूले की भी अनुमति नहीं थी)। इसके अलावा, प्रशासन ने रात 11 बजे तक ही झूला चलाने की समय सीमा तय की थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर मेले में सभी झूले सुबह तक चलाए जाते हैं, जबकि पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है। संचालक गिरफ्तार, सभी झूलों की हो रही जांच राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि हादसे का कारण बने झूले को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया है। इस मामले में झूला संचालक नाहुब गांव (राजगीर थाना क्षेत्र) निवासी राहुल कुमार के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों के मद्देनजर अगले आदेश तक मेले में सभी बड़े झूलों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। बिना अनुमति झूला चलाने और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मलमास मेले में सोमवार की रात एक बड़ी लापरवाही ने एक होनहार छात्र की जान ले ली। मेले में लगे ‘सुनामी’ झूले से गिरकर 18 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। मृतक की पहचान नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र स्थित विक्कू गांव निवासी विपिन कुमार के पुत्र अमन कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस ने झूला संचालक को गिरफ्तार कर लिया है और सुरक्षा कारणों से मेले में लगे सभी झूलों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। पहले हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें… सुरक्षा बेल्ट टूटने से हुआ हादसा अमन राजगीर के सरस्वती विद्या मंदिर (हसनपुर) में 10+2 का छात्र था। सोमवार रात वह अपने चचेरे भाई प्रिंस के और परिवार के साथ मेला घूमने गया था। प्रिंस ने बताया कि दोनों ‘सुनामी’ झूले पर सवार थे। झूला शुरू होने के कुछ ही देर बाद अमन की सीट का सुरक्षा बेल्ट अचानक टूट गया। अमन खुद को संभाल नहीं पाया और झूले से सीधे लोहे के पोल से जा टकराया, जिसके बाद वह धड़ाम से जमीन पर गिर गया। पटना ले जाने के दौरान फतुहा में तोड़ा दम गंभीर रूप से जख्मी अमन को आनन-फानन में राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे विम्स (पावापुरी) रेफर कर दिया। पावापुरी में भी हालत चिंताजनक बनी रही, जिसके बाद परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए रात में ही पटना ले जा रहे थे। इसी दौरान रात करीब एक बजे फतुहा के पास अमन ने दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। बिना अनुमति धड़ल्ले से चल रहा था जानलेवा झूला इस हादसे ने मेले में प्रशासनिक निगरानी और झूला संचालकों की मनमानी की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि मां दुर्गेश्वरी मनोरंजन डिजनीलैंड मेला प्रबंधन द्वारा कई झूलों की अनुमति ली गई थी। इनमें चार टावर झूला, चार ब्रेक डांस, तीन टोरा-टोरा, दो मारुति सर्कस (मौत का कुआं), एक गैवेरी, तीन नाव, दो फिरवी और एक राम मंदिर झूला शामिल था। लेकिन, जिस ‘सुनामी’ झूले से यह जानलेवा हादसा हुआ, उसे चलाने की कोई अनुमति प्रशासन से नहीं ली गई थी (स्ट्रिंग टावर झूले की भी अनुमति नहीं थी)। इसके अलावा, प्रशासन ने रात 11 बजे तक ही झूला चलाने की समय सीमा तय की थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर मेले में सभी झूले सुबह तक चलाए जाते हैं, जबकि पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है। संचालक गिरफ्तार, सभी झूलों की हो रही जांच राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि हादसे का कारण बने झूले को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया है। इस मामले में झूला संचालक नाहुब गांव (राजगीर थाना क्षेत्र) निवासी राहुल कुमार के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों के मद्देनजर अगले आदेश तक मेले में सभी बड़े झूलों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। बिना अनुमति झूला चलाने और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


