न्याय न मिलने से परेशान एक दंपती ने विदिशा कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समय रहते उन्हें बचा लिया। बाद में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। दरअसल, नटेरन तहसील के ग्रामीण क्षेत्र से आए पति-पत्नी अपनी शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान पति ने पहले अपनी पत्नी पर पेट्रोल डाला और फिर खुद पर भी छिड़ककर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना से कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। उसी समय, कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपकर लौट रहे थे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी और अन्य कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दंपती को अलग किया और स्थिति को संभाला। कार्यकर्ताओं ने पति को काबू में किया, जबकि मोहित रघुवंशी पीड़िता को सीधे पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के पास ले गए। पीड़िता को आशंका- पुलिस ने कार्रवाई नहीं की
पीड़िता ने बताया कि छह माह पहले एक युवक ने उसके साथ गलत काम किया था। इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। पुलिस ने कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया था। हालांकि, पीड़िता को आशंका थी कि मेडिकल जांच न होने के कारण मामले में आगे कार्रवाई नहीं होगी। बताया गया कि मेडिकल जांच के दौरान पीड़िता का मासिक धर्म चल रहा था, जिसके कारण तत्काल जांच संभव नहीं हो पाई थी। एसपी ने जांच के निर्देश दिए
मामले की गंभीरता को देखते हुए, कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने संबंधित थाना प्रभारी को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


