नॉर्वे शतरंज 2026 प्रतियोगिता की शुरुआत बेहद रोमांचक मुकाबलों के साथ हुई है। पहले ही दौर में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले, जहां युवा खिलाड़ियों ने दिग्गज खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी। सबसे ज्यादा चर्चा फ्रांस के ग्रैंडमास्टर अलीरेजा फिरोजा की जीत को लेकर रही, जिन्होंने पहली बार क्लासिकल मुकाबले में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया है।ओस्लो में खेले जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कार्लसन और फिरोजा के बीच मुकाबला काफी तनावपूर्ण रहा। मौजूद जानकारी के अनुसार फिरोजा हाल ही में चोट से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मंच से गिरने के कारण उनके पैर में चोट आई थी और उन्हें यात्रा करने में भी परेशानी हुई। इसके बावजूद उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए कार्लसन को दबाव में रखा और आखिरकार जीत दर्ज की है।गौरतलब है कि कार्लसन लंबे समय तक मुकाबले में बराबरी बनाए हुए थे, लेकिन समय के दबाव में उनसे कई गलतियां हुईं। मैच के बाद कार्लसन ने स्वीकार किया कि फिरोजा ने पूरे खेल के दौरान उन पर लगातार दबाव बनाया और यही उनकी जीत की सबसे बड़ी वजह बनी है।वहीं भारत के विश्व चैंपियन गुकेश डोम्माराजू का मुकाबला जर्मनी के विन्सेंट कीमर के खिलाफ बेहद लंबा चला। दोनों खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मुकाबला 144 चालों तक पहुंच गया। एक समय ऐसा लग रहा था कि गुकेश हार जाएंगे, लेकिन उन्होंने शानदार बचाव करते हुए मुकाबला ड्रॉ कराया और फिर आर्मागेडन मुकाबले में जीत हासिल की है।बताया जा रहा है कि समय की कमी के दौरान दोनों खिलाड़ियों से कई गलतियां हुईं। हालांकि अंत में गुकेश ने शानदार वापसी करते हुए अतिरिक्त मुकाबले में बाजी मार ली है। मैच के बाद गुकेश ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन वह लगातार बेहतर खेलने की कोशिश कर रहे हैं।भारत के एक और युवा ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने भी शानदार शुरुआत की है। उन्होंने अमेरिका के वेस्ली सो को आर्मागेडन मुकाबले में हराया। क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद प्रज्ञानानंदा ने तेज मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया और जीत दर्ज की है।महिला वर्ग में भी मुकाबले काफी रोमांचक रहे। कजाकिस्तान की बिबिसारा अस्साउबायेवा ने भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को हराकर बढ़त हासिल कर ली है। यह मुकाबला कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन समय के दबाव में हम्पी से बड़ी गलती हो गई और उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।वहीं भारत की युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को आर्मागेडन मुकाबले में हराकर बड़ा उलटफेर किया है। क्लासिकल मुकाबले में दिव्या मुश्किल स्थिति में थीं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए मैच ड्रॉ कराया और फिर अतिरिक्त मुकाबले में जीत दर्ज की है।चीन की झू जिनेर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए गत विजेता अन्ना मुजिचुक को आर्मागेडन मुकाबले में हराया है।बता दें कि नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता में क्लासिकल मुकाबले में जीत पर तीन अंक मिलते हैं, जबकि ड्रॉ होने पर दोनों खिलाड़ियों को एक-एक अंक दिए जाते हैं। इसके बाद आर्मागेडन मुकाबले के जरिए अतिरिक्त आधा अंक तय किया जाता है। यही कारण है कि पहले दौर के बाद ही अंक तालिका में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।इस साल टूर्नामेंट पहली बार स्टावांगर से हटकर ओस्लो में आयोजित किया जा रहा है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में समान पुरस्कार राशि रखी गई है। प्रतियोगिता का अगला दौर 26 मई को खेला जाएगा, जहां कई बड़े मुकाबलों पर नजरें टिकी रहेंगी।
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