मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में आज ट्रॉली कर्मियों ने जमकर हंगामा किया। बहाली के नाम पर अवैध रूप से रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए कर्मियों ने काम बंद कर दिया और इमरजेंसी सेवा करीब आधे घंटे तक ठप रही। हंगामे और काम बहिष्कार के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। ट्रॉली कर्मियों ने मेडिकल कॉलेज के मुख्य इमरजेंसी वार्ड के सामने ट्रॉली खड़ी कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इमरजेंसी सेवा हुई प्रभावित ट्रॉली कर्मियों के विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो गईं। इस दौरान गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मरीजों के परिजन मजबूरी में इलाज के लिए निजी अस्पतालों की ओर जाते नजर आए। कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। पुरानी एजेंसी ब्लैकलिस्ट, नई कंपनी को मिला टेंडर मरीजों से अवैध शुल्क वसूली की लगातार शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने ट्रॉली सेवा संचालित कर रही पुरानी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद नई एजेंसी को टेंडर दिया गया और नई बहाली प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुराने ट्रॉली कर्मियों ने आरोप लगाया कि नई एजेंसी की ओर से बहाली के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की जा रही है। “20 हजार जमा करने को कहा गया” धरना पर बैठी ट्रॉली कर्मी अनीता देवी ने बताया कि मंगलवार को उन्हें फोन कर बुलाया गया था। वहां अमित तिवारी और रंजय नाम के व्यक्तियों ने कथित तौर पर कहा कि 20 हजार रुपये “रजिस्ट्रेशन फीस” जमा करने के बाद नया आईडी कार्ड और ड्रेस उपलब्ध कराई जाएगी। अनीता देवी ने कहा कि उन्होंने इसका विरोध किया, क्योंकि नियुक्ति पत्र और शपथ पत्र में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस का कोई उल्लेख नहीं है। “रुपये नहीं देने पर हटाने की धमकी” प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का आरोप है कि रुपये नहीं देने पर पुराने कर्मियों को हटाकर नए लोगों की बहाली करने की धमकी दी जा रही है। कर्मियों ने कहा कि यह पूरी तरह अवैध वसूली है और इसी के विरोध में वे आंदोलन कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन पर बढ़ा दबाव ट्रॉली सेवा ठप होने के कारण मरीजों को वार्ड से जांच केंद्र और इमरजेंसी तक ले जाने में काफी परेशानी हुई। हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन पर मामले के समाधान का दबाव बढ़ गया है। फिलहाल ट्रॉली कर्मी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और मामले को लेकर अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, कमिश्नर और मुजफ्फरपुर के डीएम से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जबरन नए लोगों को बहाल कर उनका हक मारा गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में आज ट्रॉली कर्मियों ने जमकर हंगामा किया। बहाली के नाम पर अवैध रूप से रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए कर्मियों ने काम बंद कर दिया और इमरजेंसी सेवा करीब आधे घंटे तक ठप रही। हंगामे और काम बहिष्कार के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। ट्रॉली कर्मियों ने मेडिकल कॉलेज के मुख्य इमरजेंसी वार्ड के सामने ट्रॉली खड़ी कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इमरजेंसी सेवा हुई प्रभावित ट्रॉली कर्मियों के विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो गईं। इस दौरान गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मरीजों के परिजन मजबूरी में इलाज के लिए निजी अस्पतालों की ओर जाते नजर आए। कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। पुरानी एजेंसी ब्लैकलिस्ट, नई कंपनी को मिला टेंडर मरीजों से अवैध शुल्क वसूली की लगातार शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने ट्रॉली सेवा संचालित कर रही पुरानी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद नई एजेंसी को टेंडर दिया गया और नई बहाली प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुराने ट्रॉली कर्मियों ने आरोप लगाया कि नई एजेंसी की ओर से बहाली के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की जा रही है। “20 हजार जमा करने को कहा गया” धरना पर बैठी ट्रॉली कर्मी अनीता देवी ने बताया कि मंगलवार को उन्हें फोन कर बुलाया गया था। वहां अमित तिवारी और रंजय नाम के व्यक्तियों ने कथित तौर पर कहा कि 20 हजार रुपये “रजिस्ट्रेशन फीस” जमा करने के बाद नया आईडी कार्ड और ड्रेस उपलब्ध कराई जाएगी। अनीता देवी ने कहा कि उन्होंने इसका विरोध किया, क्योंकि नियुक्ति पत्र और शपथ पत्र में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस का कोई उल्लेख नहीं है। “रुपये नहीं देने पर हटाने की धमकी” प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का आरोप है कि रुपये नहीं देने पर पुराने कर्मियों को हटाकर नए लोगों की बहाली करने की धमकी दी जा रही है। कर्मियों ने कहा कि यह पूरी तरह अवैध वसूली है और इसी के विरोध में वे आंदोलन कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन पर बढ़ा दबाव ट्रॉली सेवा ठप होने के कारण मरीजों को वार्ड से जांच केंद्र और इमरजेंसी तक ले जाने में काफी परेशानी हुई। हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन पर मामले के समाधान का दबाव बढ़ गया है। फिलहाल ट्रॉली कर्मी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और मामले को लेकर अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, कमिश्नर और मुजफ्फरपुर के डीएम से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जबरन नए लोगों को बहाल कर उनका हक मारा गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


