अब PNG और LPG में चुनने की झंझट खत्म, New Policy से ग्राहकों को मिली दोहरी सुविधा

अब PNG और LPG में चुनने की झंझट खत्म, New Policy से ग्राहकों को मिली दोहरी सुविधा
अब रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई हैं। केंद्र सरकार ने एलपीजी यानी रसोई गैस कनेक्शन से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए ऐसे लोगों को नई सुविधा दी हैं, जिन्होंने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन ले लिया हैं। सरकार का मानना है कि इससे लाखों उपभोक्ताओं को आने वाले समय में काफी सहूलियत मिलेगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 25 मई 2026 को “द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस आपूर्ति और वितरण संशोधन आदेश 2026” को अधिसूचित किया हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य उन घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देना हैं, जो पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद भी भविष्य में एलपीजी सुविधा दोबारा लेना चाहते हैं।
नए नियम के तहत अब जिन लोगों ने पीएनजी कनेक्शन लिया हैं, उनके पास दो विकल्प रहेंगे हैं। पहला, वे पीएनजी कनेक्शन मिलने के 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। दूसरा, वे भविष्य के लिए एक ट्रांसफर वाउचर ले सकते हैं, जिसकी मदद से गैर-पीएनजी क्षेत्र में जाने पर पुराना एलपीजी कनेक्शन दोबारा शुरू कराया जा सकेगा।
बता दें कि यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही हैं, जिनकी नौकरी में लगातार स्थानांतरण होता रहता हैं। इसके अलावा किरायेदार, छात्र, प्रवासी परिवार और दूसरे शहरों में रहने वाले लोग भी इस फैसले से लाभ उठा सकेंगे।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई बड़े शहरों में पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ हैं। सरकार लगातार घरों तक पाइप गैस पहुंचाने की दिशा में काम कर रही हैं। हालांकि अभी भी देश के कई इलाकों में पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अगर कोई परिवार गैर-पीएनजी क्षेत्र में शिफ्ट होता हैं, तो उसे फिर से एलपीजी कनेक्शन लेने में परेशानी होती थी। अब ट्रांसफर वाउचर की व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 59 हजार 800 से ज्यादा पीएनजी उपभोक्ता अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं। वहीं मार्च 2026 से अब तक करीब 7 लाख 99 हजार नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 2 लाख 87 हजार अतिरिक्त कनेक्शन के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया गया हैं। इस तरह कुल 10 लाख 86 हजार से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन की व्यवस्था की जा चुकी हैं।
मंत्रालय का कहना है कि यह कदम स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को अधिक लचीलापन देने के उद्देश्य से उठाया गया हैं। सरकार चाहती हैं कि लोग बिना किसी चिंता के पीएनजी सुविधा अपनाएं और जरूरत पड़ने पर आसानी से एलपीजी सेवा दोबारा प्राप्त कर सकें हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *