Sonu-Monu Gang Bihar: बिहार की राजधानी पटना से सटे मोकामा के कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थक मुकेश सिंह पर हुई गोलीबारी के बाद तफ्तीश करने पहुंची पुलिस टीम की तलाशी लेने वाले इस गैंग के खिलाफ बिहार पुलिस ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आरोपियों और गैंग के सदस्यों को पकड़ने के लिए तीन DSP सहित STF (स्पेशल टास्क फोर्स) को भी मैदान में उतारा गया है।
पुलिसवालों को लाइन में खड़ा कर ली थी तलाशी
जिस विवाद के कारण यह पुलिस कार्रवाई शुरू हुई, वह शनिवार को पंचमहला क्षेत्र में स्थित नौरंगा गांव में शुरू हुआ।दरअसल, जलालपुर के मुकेश सिंह पर हुई गोलीबारी के मामले में नामजद आरोपी कुख्यात सोनू के घर जब पुलिस छापेमारी करने पहुंची, तो वहां बदमाशों ने पुलिस टीम को न सिर्फ घेर लिया, बल्कि पुलिसवालों को ही लाइन में खड़ा कर दिया। इसके बाद, उन्होंने पुलिसकर्मियों को घर में घुसने देने से पहले उनकी अच्छी तरह से तलाशी ली। पुलिस बल के इस घोर अपमान से पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया, जिसके बाद दो थाना प्रभारियों (SHOs) को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
आरोपियों की तलाश तेज
पुलिस टीम की तलाशी लेने की गलती सोनू-मोनू गैंग को अब भारी पड़ रही है। बिहार पुलिस ने एक स्पेशल टीम का गठन किया है। तीन तेज-तर्रार DSP के नेतृत्व में यह स्पेशल टीम सोनू, मोनू और उनके गुर्गों को पकड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिहार के आठ अलग-अलग जिलों में गिरोह के संभावित ठिकानों पर एक साथ छापे मारे जा रहे हैं। खुफिया जानकारी से पता चलता है कि गिरोह के पास AK-47 और INSAS राइफल जैसे आधुनिक हथियारों का जखीरा है और पुलिस इन हथियारों को बरामद करने के प्रयास में दियारा से लेकर शहरी इलाकों तक, हर संदिग्ध स्थान पर छापे मार रही है।
अनंत सिंह के समर्थक पर फायरिंग से भड़का गैंगवॉर का खतरा
इलाके में तनाव की मुख्य वजह मुकेश सिंह पर हुई फायरिंग की घटना है। मुकेश सिंह जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थक हैं। इस घटना के बाद मोकामा और बाढ़ के दियारा इलाकों में एक बार फिर से पुराने गैंगवॉर की आशंका गहरी हो गई हैं। मुकेश सिंह पर हुए इस हमले के सिलसिले में कुख्यात सोनू, उसके पिता प्रमोद सिंह और शूटर सौरभ को आरोपी बनाया गया है। वहीं, इस घटना में कुख्यात मोनू की भूमिका की जांच अभी चल रही है।
सोनू-मोनू पर 30 से अधिक मामले
सोनू और उसका भाई मोनू पिछले 18 सालों से अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। छोटी-मोटी वारदातों से शुरुआत करने वाले इन दोनों भाइयों पर अब 30 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के आरोप शामिल हैं। उनके ऊपर बेगूसराय के तेघड़ा से लेकर पटना के बाढ़, मोकामा, खुसरूपुर, कंकड़बाग, हाथीदह और लखीसराय के बड़हिया व हलसी तक के पुलिस थानों में मामले दर्ज हैं। साल 2019 में यह गैंग तब सुर्खियों में आया था जब उन्होंने दिन-दहाड़े रंगदारी के लिए मनरेगा के एक वरिष्ठ अधिकारी का अपहरण कर लिया था।


