जोखिम और मुनाफे की बुनियाद पर खड़े शहर लास वेगास में इन दिनों एक अजीबोगरीब खेल की पटकथा लिखी गई। लेखक थे 48 वर्षीय अरबपति बायोहैकर क्रिश्चियन एंगरमेयर… सुबह उठकर वे खुद को वजन घटाने वाली दवाएं, टेस्टोस्टेरोन और लीगल ग्रोथ हार्मोन्स इंजेक्ट करते हैं। फोकस करने के लिए स्लीप एप्निया की दवा और लोगों से घुलने-मिलने के लिए ‘ऑक्सीटोसिन’ की मदद लेते हैं। एंगरमेयर खुद तो 48 की उम्र में 38 के दिखते ही हैं, पर अब वह पूरी दुनिया को ‘बायोहैकिंग’ का दीवाना बनाने निकले हैं। वे ‘एनहैंस्ड गेम्स’ के फाउंडर हैं। बीते रविवार को हुए इस अनूठे टूर्नामेंट में एथलीट्स पर ड्रग्स, स्टेरॉयड, हार्मोन्स और पेप्टाइड्स लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं था, बल्कि उन्हें सरेआम इसे लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। खेल इतिहास में पहली बार किसी टूर्नामेंट को खुलेआम ‘डोपिंग को बढ़ावा’ देने के लिए तैयार किया गया।पहली बार हुए इस आयोजन में दुनियाभर के 42 शीर्ष तैराक, धावक और वेटलिफ्टर ने हिस्सा लिया, जिनमें कई ओलिंपिक मेडल विजेता भी थे। इनमें से 91% टेस्टोस्टेरोन और 79% ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन के हैवी डोज पर हैं। ग्रीक ओलिंपिक तैराक क्रिस्टियन गोलोमेव ने गुप्त ट्रायल के दौरान 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 20.89 सेकंड का समय निकालकर आधिकारिक वर्ल्ड रिकॉर्ड को दो सौवें सेकंड से तोड़ दिया, जिसके लिए उन्हें करीब 9.55 करोड़ रुपए का बोनस भी मिला। कंपनी के 29 वर्षीय सीईओ मैक्स मार्टिन का कहना है,‘यह इनोवेशन सिर्फ एथलीट्स के लिए नहीं है। यह उन दादाजी के लिए भी है जो अपने पोते के साथ पार्क में दौड़ने के लिए ऊर्जा चाहते हैं।’ दिग्गजों ने किया निवेश, नजर 650 लाख करोड़ की वेलनेस इंडस्ट्री पर 11,460 करोड़ रु. के वैल्यूएशन के साथ पब्लिक हुई कंपनी एनहैंस्ड गेम्स इंक के पीछे सिलिकॉन वैली के दिग्गज अरबपति पीटर थिएल व ट्रम्प जूनियर की साझेदारी वाली वेंचर फर्म ‘1789 कैपिटल’ का हाथ है। एंगरमेयर इसके कोफाउंडर हैं। 191 करोड़ की लागत से हुए इस इवेंट का मकसद स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि बिजनेस एम्पायर खड़ा करना है। कंपनी का टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म ‘एनहैंस्ड’ जल्द ही आम लोगों को टेस्टोस्टेरोन और एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स बेचेगा। 650 लाख करोड़ रु. की वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री को भुनाने के लिए इस टूर्नामेंट ‘लाइव विज्ञापन’ की भूमिका निभाई। गलत संदेश जाएगा इवेंट को लेकर खेल जगत और मेडिकल एक्सपर्ट में आक्रोश है। अमेरिकी एंटी-डोपिंग एजेंसी के प्रमुख ट्रैविस टायगार्ट मानते हैं कि इससे बच्चों में गलत संदेश जाएगा कि खेल में आगे बढ़ने के लिए ड्रग्स जरूरी हैं। वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भले ही ये दवाएं डॉक्टरों की देखरेख में दी जा रही हों, पर इनके कॉकटेल से भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, लिवर डैमेज और अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है।


