चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने भूजल स्तर में लगातार गिरावट पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में सरकार द्वारा गांवों में नलकूप खुदवाकर पानी की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया गया था, लेकिन भूजल स्तर गिरने से कई नलकूप सूख गए हैं। मंत्री ने वर्षा जल संरक्षण की दिशा में गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण की अपील की। मंत्री खींवसर ने यह बात आज दोपहर बाद जिला कलेक्टर परिसर में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। इससे पहले, उन्होंने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शिवसर तालाब पर जल पूजन किया और उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शहर में शिवसर और राणीसर तालाबों के साथ-साथ कृत्रिम झील के जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। इन तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत राज्य सरकार ने 14 करोड़ 68 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। विधायक पब्बाराम विश्नोई ने भी जल संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखे। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 5 जून तक जिले में प्रतिदिन जल व पर्यावरण संरक्षण जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ के तहत जिले में अब तक 28 हजार जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिससे फलोदी जिला जल संरचनाओं के निर्माण में राज्य में तीसरे स्थान पर है।


