सुलतानगंज नगर परिषद के नए एग्जिक्यूटिव अफसर अभिषेक आनंद ने सोमवार को कामकाज संभाल लिया। अभिषेक आनंद बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को बेहतर ढंग से पूरा करना और नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना होगा। अभिषेक आनंद ने कहा कि श्रावणी मेला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है, इसलिए कांवड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके साथ ही शहर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, जल निकासी और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी विशेष पहल की जाएगी। पदभार ग्रहण के अवसर पर नगर परिषद सुल्तानगंज के प्रधान सहायक राजीव रंजन चौधरी समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नवपदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी का स्वागत किया गया और नगर परिषद की विभिन्न योजनाओं एवं चुनौतियों की जानकारी उन्हें दी गई। 28 अप्रैल को तत्कालीन एग्जिक्यूटिव अफसर की हुई थी हत्या 28 अप्रैल को सुलतानगंज नगर परिषद के तत्कालीन एग्जिक्यूटिव अफसर कृष्ण भूषण कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना नगर परिषद कार्यालय परिसर में हुई थी, जहां चार बदमाश कार्यालय में पहुंचे थे और अधिकारियों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की थी। हमले में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी की गोली मारकर बदमाशों ने हत्या कर दी थी। साथ ही नगर परिषद के चेयरमेन राजकुमार गुड्डू को भी गोली मारी गई थी, जिससे उसकी भी मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में देर कर दिया था। इस जघन्य घटना के बाद नगर परिषद का प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हुआ था और लंबे समय तक लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना रहा। हालांकि अब नए कार्यपालक पदाधिकारी के पदभार ग्रहण करने के बाद नगर परिषद के नियमित कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों को विश्वास है कि नए अधिकारी के नेतृत्व में नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों को नई दिशा मिलेगी। कृष्ण भूषण कुमार की परिवार के साथ तस्वीरें देखिए साल 2022 में मोतिहारी में हुई थी शादी, 6 महीने की है बेटी कृष्ण भूषण कुमार की साल 2022 में मोतिहारी में शालू कुमारी से शादी हुई थी। कृष्ण भूषण कुमार का बेटा कृषभ कुमार दो साल का है, जबकि बेटी कृषिका छह महीने की है। मृतक के चचेरे बड़े भाई अजय कुमार ने बताया कि सोमवार को ही कृष्ण भूषण से फोन पर लंबी बात हुई थी। उन्होंने बताया कि मैं काफी खुश था। भाई कृष्ण कुमार को परिवार के साथ अपने नए मकान के गृह प्रवेश में शामिल होने के लिए बुलाया था। अजय कुमार ने बताया कि मेरे बड़े पापा यानी कृष्ण भूषण कुमार के पिता रामचंद्र साह प्रोफेसर थे, जिनका निधन 1991 में ही हो गया था, जबकि बड़ी मां का काफी पहले ही निधन हो गया था। उन्होंने बताया कि माता-पिता के साये के बिना कृष्ण भूषण ने कड़ी मेहनत की और 2016 में बीपीएससी (BPSC) की परीक्षा पास की और एग्जिक्यूटिव अफसर बने थे। चार भाइयों में दूसरे स्थान पर थे कृष्ण भूषण कुमार कृष्ण भूषण कुमार चार भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनके बड़े भाई कृषि विभाग में अधिकारी हैं, तीसरे भाई पीएमओ (PMO) में ट्रांसलेटर हैं और चौथे भाई सीतामढ़ी पॉलिटेक्निक कॉलेज में काम करते हैं। सुलतानगंज नगर परिषद के नए एग्जिक्यूटिव अफसर अभिषेक आनंद ने सोमवार को कामकाज संभाल लिया। अभिषेक आनंद बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को बेहतर ढंग से पूरा करना और नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना होगा। अभिषेक आनंद ने कहा कि श्रावणी मेला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है, इसलिए कांवड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके साथ ही शहर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, जल निकासी और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी विशेष पहल की जाएगी। पदभार ग्रहण के अवसर पर नगर परिषद सुल्तानगंज के प्रधान सहायक राजीव रंजन चौधरी समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नवपदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी का स्वागत किया गया और नगर परिषद की विभिन्न योजनाओं एवं चुनौतियों की जानकारी उन्हें दी गई। 28 अप्रैल को तत्कालीन एग्जिक्यूटिव अफसर की हुई थी हत्या 28 अप्रैल को सुलतानगंज नगर परिषद के तत्कालीन एग्जिक्यूटिव अफसर कृष्ण भूषण कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना नगर परिषद कार्यालय परिसर में हुई थी, जहां चार बदमाश कार्यालय में पहुंचे थे और अधिकारियों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की थी। हमले में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी की गोली मारकर बदमाशों ने हत्या कर दी थी। साथ ही नगर परिषद के चेयरमेन राजकुमार गुड्डू को भी गोली मारी गई थी, जिससे उसकी भी मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में देर कर दिया था। इस जघन्य घटना के बाद नगर परिषद का प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हुआ था और लंबे समय तक लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना रहा। हालांकि अब नए कार्यपालक पदाधिकारी के पदभार ग्रहण करने के बाद नगर परिषद के नियमित कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों को विश्वास है कि नए अधिकारी के नेतृत्व में नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों को नई दिशा मिलेगी। कृष्ण भूषण कुमार की परिवार के साथ तस्वीरें देखिए साल 2022 में मोतिहारी में हुई थी शादी, 6 महीने की है बेटी कृष्ण भूषण कुमार की साल 2022 में मोतिहारी में शालू कुमारी से शादी हुई थी। कृष्ण भूषण कुमार का बेटा कृषभ कुमार दो साल का है, जबकि बेटी कृषिका छह महीने की है। मृतक के चचेरे बड़े भाई अजय कुमार ने बताया कि सोमवार को ही कृष्ण भूषण से फोन पर लंबी बात हुई थी। उन्होंने बताया कि मैं काफी खुश था। भाई कृष्ण कुमार को परिवार के साथ अपने नए मकान के गृह प्रवेश में शामिल होने के लिए बुलाया था। अजय कुमार ने बताया कि मेरे बड़े पापा यानी कृष्ण भूषण कुमार के पिता रामचंद्र साह प्रोफेसर थे, जिनका निधन 1991 में ही हो गया था, जबकि बड़ी मां का काफी पहले ही निधन हो गया था। उन्होंने बताया कि माता-पिता के साये के बिना कृष्ण भूषण ने कड़ी मेहनत की और 2016 में बीपीएससी (BPSC) की परीक्षा पास की और एग्जिक्यूटिव अफसर बने थे। चार भाइयों में दूसरे स्थान पर थे कृष्ण भूषण कुमार कृष्ण भूषण कुमार चार भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनके बड़े भाई कृषि विभाग में अधिकारी हैं, तीसरे भाई पीएमओ (PMO) में ट्रांसलेटर हैं और चौथे भाई सीतामढ़ी पॉलिटेक्निक कॉलेज में काम करते हैं।


