चतरा पुलिस ने 1 करोड़ 1 लाख रुपए मूल्य का अफीम, डोडा और पोस्ता दाना जब्त किया है। इस अभियान में अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को मिली जानकारी के आधार पर सिमरिया और लावालौंग थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। एसपी के निर्देश पर सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस की इस दोहरी कार्रवाई से जिले में सक्रिय नशा नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। बरामदगी की तस्वीरें देखें… इचाहर जंगल से डोडा- पोस्ता बरामद कार्रवाई की शुरुआत लावालौंग थाना क्षेत्र के इचाहर वन क्षेत्र से हुई, जहां सूचना थी कि जंगल में भारी मात्रा में डोडा छिपाकर रखा गया है। पुलिस टीम ने घने जंगल में दबिश दी, जहां चार संदिग्ध पहरेदारी करते मिले। पुलिस को देखते ही तीन तस्कर फरार हो गए, जबकि जवानों ने कैलाश गंझू को खदेड़कर पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर जंगल के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से 361.52 किलोग्राम डोडा, 25.290 किलोग्राम पोस्ता दाना और 23.820 किलोग्राम मिश्रित नशीला पदार्थ बरामद हुआ। बरामद खेप की कीमत करीब 54 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह खेप पिकअप वैन के जरिए दूसरे राज्यों में खपाने की तैयारी थी। बजराही मैदान से अफीम बरामद इसी दौरान पुलिस को दूसरी सूचना मिली कि बगरा-चतरा रोड स्थित बजराही मैदान में अफीम की खरीद-बिक्री के लिए तस्कर जुटे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की। मौके से लुतीडीह निवासी जीवलाल गंझू और ईचाक कला निवासी मो. फैजान मलिक को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी भाग निकले। पुलिस ने एक टीवीएस एक्सएल100 लूना मोटरसाइकिल से 7 किलो 196 ग्राम शुद्ध अफीम बरामद की। इसके बाद जीवलाल के घर पर छापेमारी कर 78.4 किलोग्राम डोडा भी जब्त किया गया। इस खेप की कीमत करीब 47 लाख रुपए बताई गई है। एसपी ने कहा कि तस्कर जल्दबाजी में स्टॉक बेचने की फिराक में थे। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। चतरा पुलिस ने 1 करोड़ 1 लाख रुपए मूल्य का अफीम, डोडा और पोस्ता दाना जब्त किया है। इस अभियान में अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को मिली जानकारी के आधार पर सिमरिया और लावालौंग थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। एसपी के निर्देश पर सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस की इस दोहरी कार्रवाई से जिले में सक्रिय नशा नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। बरामदगी की तस्वीरें देखें… इचाहर जंगल से डोडा- पोस्ता बरामद कार्रवाई की शुरुआत लावालौंग थाना क्षेत्र के इचाहर वन क्षेत्र से हुई, जहां सूचना थी कि जंगल में भारी मात्रा में डोडा छिपाकर रखा गया है। पुलिस टीम ने घने जंगल में दबिश दी, जहां चार संदिग्ध पहरेदारी करते मिले। पुलिस को देखते ही तीन तस्कर फरार हो गए, जबकि जवानों ने कैलाश गंझू को खदेड़कर पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर जंगल के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से 361.52 किलोग्राम डोडा, 25.290 किलोग्राम पोस्ता दाना और 23.820 किलोग्राम मिश्रित नशीला पदार्थ बरामद हुआ। बरामद खेप की कीमत करीब 54 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह खेप पिकअप वैन के जरिए दूसरे राज्यों में खपाने की तैयारी थी। बजराही मैदान से अफीम बरामद इसी दौरान पुलिस को दूसरी सूचना मिली कि बगरा-चतरा रोड स्थित बजराही मैदान में अफीम की खरीद-बिक्री के लिए तस्कर जुटे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की। मौके से लुतीडीह निवासी जीवलाल गंझू और ईचाक कला निवासी मो. फैजान मलिक को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी भाग निकले। पुलिस ने एक टीवीएस एक्सएल100 लूना मोटरसाइकिल से 7 किलो 196 ग्राम शुद्ध अफीम बरामद की। इसके बाद जीवलाल के घर पर छापेमारी कर 78.4 किलोग्राम डोडा भी जब्त किया गया। इस खेप की कीमत करीब 47 लाख रुपए बताई गई है। एसपी ने कहा कि तस्कर जल्दबाजी में स्टॉक बेचने की फिराक में थे। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।


