रुस्तमपुर एवं रानीबाग बिजली सबस्टेशन से जुड़े मोहल्लों के लगभग 30 हजार घरों में अब बिजली की आंखमिचौली से लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। बरहुआ ट्रांसमिशन उपकेंद्र पर निर्भरता की अब मजबूरी नहीं रहेगी। बिजली निगम की ओर से इन दोनों सबस्टेशन के लिए नई लाइन बनाई जा रही है। इन सबस्टेशनों को खोराबार के 220 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र से भी जोड़ा जाएगा। एक सप्ताह के भीतर यह लाइन बनकर तैयार हो जाने की संभावना है।
यह लाइन तैयार हो जाने के बाद काफी फायदा होगा। यदि बरहुआ से कोई तकनीकी खराबी आयी तो खोराबार से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। यदि खोराबार की ओर से कोई खराबी आयी तो बरहुआ से आपूर्ति बहाल हो जाएगी। इस तरह इन क्षेत्रों के लोगों को अब घंटों तक बिजली कटौती से परेशान नहीं होना पड़ेगा। रुस्तमपुर और रानीबाग सबस्टेशनों को अभी 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र बरहुआ से आपूर्ति दी जाती है। ओवरहेड लाइन के माध्यम से बिजली आती है। राजघाट में राप्ती नदी के ऊपर टावर के माध्यम से लाइन को ऊपर कराया गया है। कई किलोमीटर लंबी लाइन होने के कारण आए दिन बिजली आपूर्ति में व्यवधान आता है। पिछले 3 दिन में 2 दिन रुस्तमपुर उपकेंद्र की आपूर्ति में व्यवधान आने के कारण उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शुरू में तारामंडल उपकेंद्र से जोड़ने की थी योजना
रुस्तमपुर सबस्टेशन को पहले तारामंडल उपकेंद्र से जोड़ने की योजना थी। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि बरहुआ से आपूर्ति में व्यवधान आने पर तत्काल दूसरी लाइन से आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी लेकिन तारामंडल उपकेंद्र पर लोड ज्यादा बढ़ने के कारण अभियंताओं ने खोराबार ट्रांसमिशन उपकेंद्र से आपूर्ति शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद लाइन बनाने का काम शुरू कर दिया गया। खोराबार से 7 सबस्टेशनों को दी जानी है बिजली
खोराबार ट्रांसमिशन उपकेंद्र का निर्माण 2 वर्ष पहले पूरा हो चुका है। इस उपकेंद्र की जांच भी की जा चुकी है लेकिन लाइन बनने में देर के कारण वितरण उपकेंद्रों तक बिजली नहीं पहुंच पा रही है। खोराबार पारेषण उपकेंद्र से खोराबार, सहारा एस्टेट, पाम पैराडाइज, लोहिया एन्क्लेव और तारामंडल उपकेंद्रों को आपूर्ति दी जानी है। अब रुस्तमपुर और रानीबाग उपकेंद्र जुड़ने से 7 सबस्टेशनों को आपूर्ति दी जाएगी। गोरखपुर शहर के अधीक्षण अभियंता रणजीत चौधरी ने बताया कि रुस्तमपुर एवं रानीबाग सबस्टेशनों तक खोराबार ट्रांसमिशन उपकेंद्र से आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। एक सप्ताह में लाइन बना ली जाएगी। यह व्यवस्था हो जाने के बाद बरहुआ उपकेंद्र से कोई गड़बड़ी हुई तो खोराबार से आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।


