Suryakumar Yadav T20 captaincy: साल 2026 की शुरुआत सूर्यकुमार यादव के लिए दो अलग-अलग कहानियां लेकर आई है। एक तरफ जहां उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को घरेलू सरजमीं पर टी20 वर्ल्ड कप जिताकर एमएस धोनी और रोहित शर्मा की कतार में जगह बनाई, वहीं दूसरी तरफ उनकी गिरती फॉर्म और आईपीएल 2026 के बेहद खराब सीजन ने उनकी कप्तानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईपीएल के दौरान जब उनके विरोधी खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, तब सूर्या 13 पारियों में सिर्फ 20.76 की औसत से 270 रन ही बना सके। इसी बीच पूर्व बीसीसीआई मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद सूर्या के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि शॉर्ट-टर्म फॉर्म को देखकर कोई भी भावुक फैसला नहीं लिया जाना चाहिए।
एमएसके प्रसाद का बड़ा बयान
प्रसाद ने लिखा कि सूर्या जैसे 360-डिग्री खिलाड़ी को टीम से बाहर करना या कप्तानी से हटाना एक बहुत बड़ी भूल होगी। उनके पास मैदान के हर कोने में अनकन्वेंशनली शॉट खेलने की काबिलियत है, जो किसी अन्य भारतीय बल्लेबाज के पास नहीं है। टी20 क्रिकेट में अनोखापन किताबी बल्लेबाजी से ज्यादा मायने रखता है।
चर्चाएं गर्म हैं कि सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर को भारत का नया टी20 कप्तान बनाया जा सकता है। श्रेयस अय्यर ने दिसंबर 2023 से कोई टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है और वह पिछले दो वर्ल्ड कप का भी हिस्सा नहीं थे, लेकिन पिछले दो आईपीएल सीजन में एक कप्तान और बल्लेबाज के तौर पर उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने उनका दावा मजबूत कर दिया है। बता दें, सूर्यकुमार मुंबई इंडियंस के मुख्य बल्लेबाजों में से एक हैं और अब मुंबई इंडियंस प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है।
भविष्य के लीडर की तैयारी
हालांकि, प्रसाद ने सलाह दी है कि टीम में कप्तानी की निरंतरता (continuity) बनाए रखना जरूरी है।
अचानक कप्तान बदलने से टीम का कल्चर खराब होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में ही श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को अगले छह महीनों तक उप-कप्तान बनाकर इंडिया-ए दौरों के जरिए भविष्य के लीडर के रूप में तैयार किया जाना चाहिए, ताकि बिना किसी उथल-पुथल के बदलाव का एक सही रास्ता तैयार हो सके।






