आखिरकार फुटबॉल विश्व कप 2026 के लिए सभी 48 टीमों की तस्वीर साफ हो गई है। क्वालीफाइंग प्लेऑफ मुकाबलों के खत्म होने के बाद अब दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल प्रतियोगिता के पूरे समूह और कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।गौरतलब है कि इस बार विश्व कप की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। यह पहली बार होगा जब विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले तक टूर्नामेंट में 32 टीमें खेलती थीं।मौजूद जानकारी के अनुसार मेक्सिको 11 जून 2026 को मेक्सिको सिटी के एस्तादियो एज़्टेका स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उद्घाटन मुकाबला खेलेगा। मेजबान टीम मेक्सिको को समूह ए में रखा गया है, जहां उसके साथ दक्षिण कोरिया और चेकिया की टीमें भी मौजूद हैं।वहीं अमेरिका को समूह डी में जगह मिली है। अमेरिकी टीम 12 जून को कैलिफोर्निया के सोफी स्टेडियम में पराग्वे के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद अमेरिका का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और तुर्किये से होगा।कनाडा को समूह बी में रखा गया है। कनाडाई टीम अपना पहला मुकाबला बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ टोरंटो में खेलेगी। इसके अलावा समूह में कतर और स्विट्जरलैंड की टीमें भी शामिल हैं।बता दें कि मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना को समूह जे में रखा गया है। अर्जेंटीना के साथ अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन की टीमें होंगी। वहीं ब्राजील को समूह सी में मोरक्को, हैती और स्कॉटलैंड के साथ रखा गया हैं।फ्रांस, इंग्लैंड, स्पेन, पुर्तगाल और जर्मनी जैसी यूरोप की बड़ी टीमें भी अपने-अपने समूहों में मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। स्पेन को केप वर्डे, सऊदी अरब और उरुग्वे के साथ समूह एच में रखा गया है, जबकि इंग्लैंड का मुकाबला क्रोएशिया, घाना और पनामा से होगा।गौरतलब है कि इस बार टूर्नामेंट का प्रारूप पूरी तरह बदल दिया गया हैं। अब 48 टीमों को 12 समूहों में बांटा गया है और हर समूह में चार टीमें होंगी। सभी टीमें समूह चरण में तीन-तीन मुकाबले खेलेंगी।समूह चरण के बाद कुल 32 टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी। हर समूह की शीर्ष दो टीमें सीधे नॉकआउट चरण में जगह बनाएंगी, जबकि आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें भी अगले दौर में पहुंचेंगी।फीफा ने इस बार नॉकआउट प्रारूप में भी बदलाव किए हैं। टूर्नामेंट में ऐसी व्यवस्था बनाई गई है ताकि दुनिया की शीर्ष रैंकिंग वाली टीमें फाइनल से पहले आमने-सामने न आएं। उदाहरण के तौर पर स्पेन और अर्जेंटीना को अलग रास्तों में रखा गया है ताकि दोनों टीमें फाइनल से पहले एक-दूसरे से न भिड़ें।बता दें कि दक्षिण अमेरिका की टीमें जैसे ब्राजील और उरुग्वे एक ही समूह में नहीं रखी गई हैं। हालांकि यूरोपीय टीमों के लिए यह नियम लागू नहीं किया गया है।विश्व कप 2026 का पहला नॉकआउट मुकाबला 28 जून से शुरू होगा। इसके बाद लगातार नॉकआउट मुकाबले खेले जाएंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल टीम का फैसला होगा।फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह टूर्नामेंट खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें पहली बार इतने बड़े स्तर पर मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको जैसे देशों में एक साथ विश्व कप होने से दुनियाभर के दर्शकों का उत्साह भी काफी बढ़ गया है।
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