आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की स्पेशल टीम ने नकली दवाओं के अवैध कारोबार पकड़ा है। टीम को जांच में अवैध और सरकारी सप्लाई की दवाएं भी भारी मात्रा में मिली हैं। नकली दवाओं के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। इस कार्रवाई में कुल करीब 3 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गईं और 3 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। ऐसे हुई पूरी कार्रवाई एफएसडीए की स्पेशल टीम ने 22 मई को गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने झूलेलाल मार्केट स्थित मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस और उससे जुड़े दो अवैध गोदामों पर छापा मारा था। टीम को दुकान बंद मिली, लेकिन पुलिस की मदद से गोदाम खोलकर जांच की गई।
पहले गोदाम से भारी मात्रा में “Physician Sample – Not for Sale” दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें अवैध रूप से बेचा जा रहा था। लगभग 1.5 करोड़ रुपये की दवाएं सील की गईं। दूसरे गोदाम से ESI, राज्य और केंद्र सरकार तथा डिफेंस सप्लाई की दवाएं मिलीं। यहां जीवन रक्षक दवाएं (इंसुलिन, रैबीज वैक्सीन) बिना कोल्ड चेन के रखी गई थीं। करीब 1 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गईं। इसके बाद मुख्य दुकान ज्योति ड्रग हाउस को भी सील कर दिया गया। दो दिन चली इस कार्रवाई में टीम को नकली दवा का जखीा मिला। जांच आगरा से शुरू होकर अलीगढ़ और रूड़की तक पहुंच गई। ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से आगरा के थाना कोतवाली में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इसमें कुल 7 आरोपियों को नामजद किया गया है। आरोपियों के नाम
नारायण दास हंसराजनी
किशोर मेहता
पुनीत कटारा
सुरेंद्र गुप्ता
मयंक गुप्ता
अन्नू अरोरा
संयम अरोरा
नकली दवा नेटवर्क का खुलासा
जांच में “Oxalgin DP Tablet” नाम की नकली दवा बनाने और बेचने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ। जांच आगरा से शुरू होकर अलीगढ़ और रुड़की तक पहुंची। श्री मेडिकल एजेंसीज से जुड़े गोदाम से नकली दवाएं मिलीं। कंपनी की जांच में दवा नकली साबित हुई। रुड़की स्थित फैक्ट्री से पैकेजिंग और निर्माण सामग्री बरामद हुई। इस मामले में करीब 50 लाख रुपये की अतिरिक्त दवाएं भी जब्त की गईं।


