सड़क चौड़ी नहीं होने से व्यापार व खेती प्रभावित

भास्कर न्यूज | कोढ़ा कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सेमापुर से रामपुर जाने वाली मुख्य सड़क का अब तक चौड़ीकरण नहीं होने से स्थानीय व्यापारियों, किसानों और आम राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संकरी और बदहाल सड़क के कारण सबसे ज्यादा मार मक्का व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों पर पड़ रही है, जिन्हें अपने माल के परिवहन में रोजाना घंटों की देरी और अतिरिक्त लागत झेलनी पड़ रही है। गौरतलब है कि सेमापुर को इस पूरे इलाके का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र (हब) माना जाता है, जहां मक्का समेत अन्य कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर लेन-देन होता है। इस वजह से यहां स्थानीय और बाहरी व्यापारियों की संख्या काफी अधिक है। प्रतिदिन इस मुख्य मार्ग से बड़ी संख्या में ट्रक, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहन गुजरते हैं। लेकिन सड़क के संकरा होने के कारण यहां अक्सर भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों और व्यवसायियों ने प्रशासन से कई बार इस मार्ग को चौड़ा करने की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल जमीनी स्तर पर नहीं दिख सकी है। परिवहन व्यवस्था सुगम न होने से क्षेत्र के विकास की रफ्तार थम गई है और किसानों को भी अपनी फसलों का सही मूल्य मिलने में बाधा आ रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से लोगों को कब तक निजात दिला पाता है। मक्का हब सेमापुर की इस लाइफलाइन सड़क की बदहाली का मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी गूंज चुका है। क्षेत्र की जनता और व्यापारियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए कोढ़ा की विधायक कविता पासवान ने भी इसे बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बाकायदा बिहार विधानसभा के सत्र के दौरान इस सड़क के चौड़ीकरण और तुरंत मरम्मत कराने की मांग सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाई थी। विधायक की इस पहल के बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर काम ढाक के तीन पात ही साबित हुआ है और फाइल अब तक फाइलों में ही दबी है। भास्कर न्यूज | कोढ़ा कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सेमापुर से रामपुर जाने वाली मुख्य सड़क का अब तक चौड़ीकरण नहीं होने से स्थानीय व्यापारियों, किसानों और आम राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संकरी और बदहाल सड़क के कारण सबसे ज्यादा मार मक्का व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों पर पड़ रही है, जिन्हें अपने माल के परिवहन में रोजाना घंटों की देरी और अतिरिक्त लागत झेलनी पड़ रही है। गौरतलब है कि सेमापुर को इस पूरे इलाके का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र (हब) माना जाता है, जहां मक्का समेत अन्य कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर लेन-देन होता है। इस वजह से यहां स्थानीय और बाहरी व्यापारियों की संख्या काफी अधिक है। प्रतिदिन इस मुख्य मार्ग से बड़ी संख्या में ट्रक, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहन गुजरते हैं। लेकिन सड़क के संकरा होने के कारण यहां अक्सर भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों और व्यवसायियों ने प्रशासन से कई बार इस मार्ग को चौड़ा करने की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल जमीनी स्तर पर नहीं दिख सकी है। परिवहन व्यवस्था सुगम न होने से क्षेत्र के विकास की रफ्तार थम गई है और किसानों को भी अपनी फसलों का सही मूल्य मिलने में बाधा आ रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से लोगों को कब तक निजात दिला पाता है। मक्का हब सेमापुर की इस लाइफलाइन सड़क की बदहाली का मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी गूंज चुका है। क्षेत्र की जनता और व्यापारियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए कोढ़ा की विधायक कविता पासवान ने भी इसे बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बाकायदा बिहार विधानसभा के सत्र के दौरान इस सड़क के चौड़ीकरण और तुरंत मरम्मत कराने की मांग सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाई थी। विधायक की इस पहल के बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर काम ढाक के तीन पात ही साबित हुआ है और फाइल अब तक फाइलों में ही दबी है।  

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