सीएम ने तकनीक का नया मॉडल सुझाया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में करें। ‘एआई’ को एक बार कह दिया जाए कि ‘हरे गमछे’ वाले को पकड़ना है तो वो तुरंत पकड़ा जाएगा। स्पष्ट भी किया, ये किसी एक के तरफ इशारा नहीं है। अपराधी किसी जाति, धर्म का हो पुलिस कार्रवाई करेगी। खुली छूट है। अपराधी पुलिस को चुनौती देगा तो 48 घंटे में जवाब मिलेगा। अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करना है। बिहार के बच्चे आगे बढ़ सकें इसके लिए राज्य में रुल ऑफ लॉ कायम रहेगा। लाखों बच्चों के भविष्य और सकारात्मक माहौल के लिए सख्त कानून व्यवस्था जरूरी है। केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि सरकार के सभी विभागों में एआई का अधिक उपयोग करना है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। एआई की मदद से ही बिहार देश के अग्रणी और विकसित राज्यों में शामिल होगा। पंचायतों के सहयोग शिविर में एआई से लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान होगा। बताया- 3 वर्षों में 30 हजार करोड़ से 125 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेस-वे पीपीपी मॉडल में बनेगा। बक्सर से लेकर भागलपुर तक तेज रोड कनेक्टिविटी मिलेगी। एआई से लेकर सुविधाओं तक सरकार का एक्शन प्लान नई एआई पॉलिसी सरकार जल्द ही राज्य में एआई पॉलिसी लाएगी। युवाओं के सुझावों से बिहार को इस तकनीक का बड़ा हब बनाया जाएगा। मायने: तकनीकी निवेश से रोजगार बढ़ेगा। युवाओं को काम के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। परीक्षार्थियों को मदद 21 जून को नीट परीक्षा के लिए छात्रों को फ्री बस मिलेगी। परीक्षा केंद्रों पर पानी और सत्तू का इंतजाम होगा। एनजीओ से भी अपील की गई है। मायने: सरकार छात्रों की सुविधा के प्रति गंभीर है और उनके सफर को सुगम बनाना चाहती है। बिजली और उद्योग उद्योगों के विकास के लिए केंद्र के सहयोग से 20 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। मायने: निर्बाध बिजली मिलने से नई इंडस्ट्री लगेंगी। बिहार आर्थिक रूप से मजबूत होगा। युवाओं से आह्वान-बिहार को ‘एआई हब’ बनाएं
सीएम ने युवाओं से बिहार को ‘’एआई हब’’ बनाने के लिए योगदान देने का आह्वान किया। कहा, इसी फाइनेंशियल इयर (2026-27) में बिक्रमशिला विश्वविद्यालय को स्थापित किया जायेगा। जुलाई महीने में 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोला जायेगा। वहीं पटना जिला में 10 और गया, बिहार शरीफ, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, हाजीपुर और छपरा सहित नगर निगम वाले जिलों में 5-5 मॉडल स्कूल खोले जायेंगे। छोटे जिलों में भी 3 से 4 मॉडल स्कूल खोले जायेंगे। सीएम ने तकनीक का नया मॉडल सुझाया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में करें। ‘एआई’ को एक बार कह दिया जाए कि ‘हरे गमछे’ वाले को पकड़ना है तो वो तुरंत पकड़ा जाएगा। स्पष्ट भी किया, ये किसी एक के तरफ इशारा नहीं है। अपराधी किसी जाति, धर्म का हो पुलिस कार्रवाई करेगी। खुली छूट है। अपराधी पुलिस को चुनौती देगा तो 48 घंटे में जवाब मिलेगा। अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करना है। बिहार के बच्चे आगे बढ़ सकें इसके लिए राज्य में रुल ऑफ लॉ कायम रहेगा। लाखों बच्चों के भविष्य और सकारात्मक माहौल के लिए सख्त कानून व्यवस्था जरूरी है। केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि सरकार के सभी विभागों में एआई का अधिक उपयोग करना है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। एआई की मदद से ही बिहार देश के अग्रणी और विकसित राज्यों में शामिल होगा। पंचायतों के सहयोग शिविर में एआई से लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान होगा। बताया- 3 वर्षों में 30 हजार करोड़ से 125 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेस-वे पीपीपी मॉडल में बनेगा। बक्सर से लेकर भागलपुर तक तेज रोड कनेक्टिविटी मिलेगी। एआई से लेकर सुविधाओं तक सरकार का एक्शन प्लान नई एआई पॉलिसी सरकार जल्द ही राज्य में एआई पॉलिसी लाएगी। युवाओं के सुझावों से बिहार को इस तकनीक का बड़ा हब बनाया जाएगा। मायने: तकनीकी निवेश से रोजगार बढ़ेगा। युवाओं को काम के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। परीक्षार्थियों को मदद 21 जून को नीट परीक्षा के लिए छात्रों को फ्री बस मिलेगी। परीक्षा केंद्रों पर पानी और सत्तू का इंतजाम होगा। एनजीओ से भी अपील की गई है। मायने: सरकार छात्रों की सुविधा के प्रति गंभीर है और उनके सफर को सुगम बनाना चाहती है। बिजली और उद्योग उद्योगों के विकास के लिए केंद्र के सहयोग से 20 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। मायने: निर्बाध बिजली मिलने से नई इंडस्ट्री लगेंगी। बिहार आर्थिक रूप से मजबूत होगा। युवाओं से आह्वान-बिहार को ‘एआई हब’ बनाएं
सीएम ने युवाओं से बिहार को ‘’एआई हब’’ बनाने के लिए योगदान देने का आह्वान किया। कहा, इसी फाइनेंशियल इयर (2026-27) में बिक्रमशिला विश्वविद्यालय को स्थापित किया जायेगा। जुलाई महीने में 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोला जायेगा। वहीं पटना जिला में 10 और गया, बिहार शरीफ, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, हाजीपुर और छपरा सहित नगर निगम वाले जिलों में 5-5 मॉडल स्कूल खोले जायेंगे। छोटे जिलों में भी 3 से 4 मॉडल स्कूल खोले जायेंगे।


