जब लैंड हुआ सीएम की हेलीकॉप्टर…पीटी ऊषा की तरह दौड़े डीएम, अर्दली जवान सब रह गए पीछे

जब लैंड हुआ सीएम की हेलीकॉप्टर…पीटी ऊषा की तरह दौड़े डीएम, अर्दली जवान सब रह गए पीछे

देवरिया : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 22 मई के देवरिया दौरे के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में DM को सीएम के हेलीकॉप्टर की आवाज सुनते ही हेलीपैड की ओर तेज दौड़ लगाते देखा जा सकता है, जिसमें उनके गनर और अर्दली काफी पीछे छूट गए। इस घटना ने उन्हें ‘UP का सबसे तेज दौड़ने वाला DM’ का टैग दिला दिया है।

22 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवरिया के भीमपुर गौरा पोखरभिंडा क्षेत्र में ₹655.45 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

DM मधुसूदन हुल्गी कार्यक्रम से पहले देवरिया-कसया मुख्य सड़क पर स्वयं ट्रैफिक व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। वे सड़क पर गिरे कचरे (खाली रैपर) को उठाकर साफ करते नजर आए और लोगों को व्यवस्थित तरीके से अंदर भेजने के लिए अपने स्टाफ को निर्देश दे रहे थे।

जैसे ही मंच से हेलीकॉप्टर लैंडिंग की घोषणा हुई, DM ने तुरंत हेलीपैड की ओर दौड़ लगाई। उनकी इस त्वरित प्रतिक्रिया ने न केवल सुरक्षा और प्रोटोकॉल की पालन की मिसाल पेश की, बल्कि उनकी कार्यशैली की चर्चा भी शुरू कर दी।

हेलीपैड से दूर थे डीएम, मची खलबली

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर के लैंडिंग की सूचना उस समय मिली जब डीएम मधुसूदन हेलीपैड से काफी दूरी पर मौजूद थे। आनन-फानन में प्रोटोकॉल ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई। सीएम के उतरने पर यदि जिले का शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी रिसीव करने के लिए मौजूद नहीं मिला, तो क्या हश्र होगा, इसी आशंका के चलते डीएम ने सारी मर्यादाएँ ताक पर रखते हुए पूरी रफ्तार से दौड़ लगा दी।

कौन हैं IAS अधिकारी मधुसूदन हुल्गी

2015 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी मधुसूदन हुल्गी मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। देवरिया के जिलाधिकारी (DM) के रूप में कार्यभार संभालने से पहले वे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में विशेष सचिव के पद पर तैनात थे। उन्होंने मई 2026 के पहले सप्ताह में देवरिया में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली है। जिले में कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद ही वे अपनी सक्रियता को लेकर चर्चा में आ गए। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी विभागों का औचक निरीक्षण (अचानक जांच) करना शुरू कर दिया है। हाल ही में उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वे एक स्कूल की कक्षा में पहुंचकर सीधे बच्चों को पढ़ाते हुए नजर आए थे। उनकी इसी जमीनी और एक्टिव कार्यशैली के कारण स्थानीय स्तर पर उनकी काफी सकारात्मक चर्चा हो रही है।

वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद लोग उनकी एनर्जी, डेडिकेशन और रेस्पांसिबिलिटी की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे ‘प्रोटोकॉल और ड्यूटी के प्रति सच्ची निष्ठा’ का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में ‘सुपरफास्ट DM’ भी कहा।

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