गोपालगंज में न्यायिक अधिकारियों ने ईंधन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अनूठी पहल की है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता के नेतृत्व में सभी न्यायिक अधिकारी अपनी गाड़ियों का त्याग कर पैदल व्यवहार न्यायालय पहुंचे। यह पहल देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती खपत और उनकी उपलब्धता में आ रही चुनौतियों के मद्देनजर की गई। ‘पेट्रोल बचाओ अभियान’ के तहत, अधिकारियों ने हजियापुर और बंजारी ऑफिसर्स कॉलोनी से लेकर व्यवहार न्यायालय तक पैदल मार्च किया। एक दिन पेट्रोल-डीजल का उपयोग छोड़ने की अपील इस अवसर पर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता ने जिले के निवासियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि ईंधन की किल्लत और आपूर्ति में कठिनाइयों को देखते हुए, यह देश हित में उठाया गया एक छोटा कदम है। न्यायाधीश गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि अक्सर लोग सोचते हैं कि उनके अकेले गाड़ी न चलाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, यदि प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन पेट्रोल, डीजल या गैस का उपयोग छोड़ दे, तो भविष्य के लिए बड़ी मात्रा में ईंधन बचाया जा सकता है। यह छोटी बचत आपातकालीन स्थितियों में देश के काम आएगी। गोपालगंज वासियों को किया प्रेरित उन्होंने गोपालगंज वासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्रहित के लिए यदि थोड़ा कष्ट भी उठाना पड़े, तो हम सब इसके लिए तैयार हैं। सभी नागरिकों को अपनी सुविधा के अनुसार एक दिन के लिए अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग करना चाहिए, ताकि वह संसाधन देश के विकास और आवश्यकताओं में उपयोग हो सके। इस पैदल मार्च ने पूरे जिले में ‘ईंधन बचाओ, देश बचाओ’ का सकारात्मक संदेश दिया। गोपालगंज में न्यायिक अधिकारियों ने ईंधन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अनूठी पहल की है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता के नेतृत्व में सभी न्यायिक अधिकारी अपनी गाड़ियों का त्याग कर पैदल व्यवहार न्यायालय पहुंचे। यह पहल देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती खपत और उनकी उपलब्धता में आ रही चुनौतियों के मद्देनजर की गई। ‘पेट्रोल बचाओ अभियान’ के तहत, अधिकारियों ने हजियापुर और बंजारी ऑफिसर्स कॉलोनी से लेकर व्यवहार न्यायालय तक पैदल मार्च किया। एक दिन पेट्रोल-डीजल का उपयोग छोड़ने की अपील इस अवसर पर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता ने जिले के निवासियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि ईंधन की किल्लत और आपूर्ति में कठिनाइयों को देखते हुए, यह देश हित में उठाया गया एक छोटा कदम है। न्यायाधीश गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि अक्सर लोग सोचते हैं कि उनके अकेले गाड़ी न चलाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, यदि प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन पेट्रोल, डीजल या गैस का उपयोग छोड़ दे, तो भविष्य के लिए बड़ी मात्रा में ईंधन बचाया जा सकता है। यह छोटी बचत आपातकालीन स्थितियों में देश के काम आएगी। गोपालगंज वासियों को किया प्रेरित उन्होंने गोपालगंज वासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्रहित के लिए यदि थोड़ा कष्ट भी उठाना पड़े, तो हम सब इसके लिए तैयार हैं। सभी नागरिकों को अपनी सुविधा के अनुसार एक दिन के लिए अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग करना चाहिए, ताकि वह संसाधन देश के विकास और आवश्यकताओं में उपयोग हो सके। इस पैदल मार्च ने पूरे जिले में ‘ईंधन बचाओ, देश बचाओ’ का सकारात्मक संदेश दिया।


