LNMU में एआई असिस्टेंट फॉरेंसिक ट्रेनिंग कार्यक्रम:ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ, 12वीं से लेकर पीजी पास कैंडिडेट्स कर सकते हैं आवेदन

LNMU में एआई असिस्टेंट फॉरेंसिक ट्रेनिंग कार्यक्रम:ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ, 12वीं से लेकर पीजी पास कैंडिडेट्स कर सकते हैं आवेदन

ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी ने डिजिटल और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं को ट्रेंड करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एआई असिस्टेंट फॉरेंसिक और साइबर कौशल विकास कार्यक्रम के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने शुक्रवार को इस कार्यक्रम के लिए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, यह कार्यक्रम वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही साइबर चुनौतियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा विश्लेषण और एआई आधारित जांच तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है। ताकि वे भविष्य में रोजगार और शोध के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। 12वीं से लेकर पीजी तक के अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन इस कार्यक्रम में 12वीं, स्नातक और पीजी पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 23 मई 2026 से शुरु हो गई है। लास्ट डेट 20 जून 2026 निर्धारित की गई है। आधिकारिक वेबसाइट lnmu.ac.in⁠ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर कार्यक्रम से संबंधित पात्रता, चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण मॉड्यूल और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
मेरिट सूची के आधार पर होगा चयन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद मेरिट सूची तैयार की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित सूचना उनके पंजीकृत ईमेल आईडी के माध्यम से भेजी जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने की पहल कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान दौर में साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ना समय की आवश्यकता है। एआई असिस्टेंट फॉरेंसिक और साइबर स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अवसर पर भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. नौशाद आलम, डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूजा अग्रवाल, समन्वयक डॉ. मोनी शर्मा, आईटी प्रभारी डॉ. अंकित कुमार सिंह, विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक राय, उप कुलसचिव प्रथम डॉ. उमाकांत पासवान, आईटी सेल के इंजीनियर गणेश कुमार पासवान, विपुल कुमार सहित विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी ने डिजिटल और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं को ट्रेंड करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एआई असिस्टेंट फॉरेंसिक और साइबर कौशल विकास कार्यक्रम के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने शुक्रवार को इस कार्यक्रम के लिए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, यह कार्यक्रम वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही साइबर चुनौतियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा विश्लेषण और एआई आधारित जांच तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है। ताकि वे भविष्य में रोजगार और शोध के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। 12वीं से लेकर पीजी तक के अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन इस कार्यक्रम में 12वीं, स्नातक और पीजी पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 23 मई 2026 से शुरु हो गई है। लास्ट डेट 20 जून 2026 निर्धारित की गई है। आधिकारिक वेबसाइट lnmu.ac.in⁠ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर कार्यक्रम से संबंधित पात्रता, चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण मॉड्यूल और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
मेरिट सूची के आधार पर होगा चयन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद मेरिट सूची तैयार की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित सूचना उनके पंजीकृत ईमेल आईडी के माध्यम से भेजी जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने की पहल कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान दौर में साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ना समय की आवश्यकता है। एआई असिस्टेंट फॉरेंसिक और साइबर स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अवसर पर भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. नौशाद आलम, डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूजा अग्रवाल, समन्वयक डॉ. मोनी शर्मा, आईटी प्रभारी डॉ. अंकित कुमार सिंह, विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक राय, उप कुलसचिव प्रथम डॉ. उमाकांत पासवान, आईटी सेल के इंजीनियर गणेश कुमार पासवान, विपुल कुमार सहित विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।  

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