बिहार पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने राज्य में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर कई बातें कहीं। उन्होंने बिहार में जाति देखकर एनकाउंटर किए जाने के आरोपों को भी खारिज किया। दरअसल, कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि बिहार में जाति विशेष को निशाना बनाकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। इस सवाल पर एडीजी सुधांशु कुमार ने साफ कहा कि ‘पुलिस की कोई जाति नहीं होती और न ही पुलिस जाति देखकर कार्रवाई करती है’। कहा, पुलिस कानून के दायरे में रहकर काम करती है। आत्मरक्षा की स्थिति में कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। जनवरी से अबतक 33 हजार से अधिक अपराधी गिरफ्तार एडीजी ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक बिहार में गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल 33 हजार से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि 676 लोगों के खिलाफ सीसीए की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है, जिनमें से 252 मामलों में आदेश भी पारित हो चुका है। सांप्रदायिक और हर्ष फायरिंग मामलों में कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सांप्रदायिक घटनाओं, हर्ष फायरिंग और पुलिस पर हमले के मामलों में 1100 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं न्यायालय द्वारा सुनवाई के दौरान दो आरोपियों को फांसी की सजा भी सुनाई गई है। बिहार पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने राज्य में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर कई बातें कहीं। उन्होंने बिहार में जाति देखकर एनकाउंटर किए जाने के आरोपों को भी खारिज किया। दरअसल, कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि बिहार में जाति विशेष को निशाना बनाकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। इस सवाल पर एडीजी सुधांशु कुमार ने साफ कहा कि ‘पुलिस की कोई जाति नहीं होती और न ही पुलिस जाति देखकर कार्रवाई करती है’। कहा, पुलिस कानून के दायरे में रहकर काम करती है। आत्मरक्षा की स्थिति में कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। जनवरी से अबतक 33 हजार से अधिक अपराधी गिरफ्तार एडीजी ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक बिहार में गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल 33 हजार से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि 676 लोगों के खिलाफ सीसीए की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है, जिनमें से 252 मामलों में आदेश भी पारित हो चुका है। सांप्रदायिक और हर्ष फायरिंग मामलों में कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सांप्रदायिक घटनाओं, हर्ष फायरिंग और पुलिस पर हमले के मामलों में 1100 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं न्यायालय द्वारा सुनवाई के दौरान दो आरोपियों को फांसी की सजा भी सुनाई गई है।


