मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से से सटे गरीब नगर इलाके में अतिक्रमण रोधी अभियान चौथे दिन भी जारी है और 500 अवैध झोपड़ियों में से अधिकतर को ध्वस्त कर दिया गया। इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) विनीत अभिषेक के मुताबिक, तीसरे दिन तक लगभग 85 प्रतिशत तोड़क कार्रवाई पूरी हो चुकी है। भीषण गर्मी के बावजूद एक हजार से ज्यादा कर्मचारी दिन-रात लगातार काम कर रहे हैं। उन्हें खाने-पीने की चीजे मुहैया कराई जा रही हैं।
गरीब नगर में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान बुधवार को एक अवैध मस्जिद तोड़े जाने के दौरान हिंसा भड़क गई। इस दौरान खूब पत्थर फेंके गए, जिसमें 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में और फोर्स बुलाकर स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान कुछ स्थानीय निवासी घायल हो गए। पत्थरबाजी में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया है और अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पथराव मामले में पुलिस ने अब तक कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए दो लोगों में से एक सद्दाम अंसारी है, जिस पर हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर बड़े पत्थर से हमला करने का आरोप है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा।
AIMIM बोली- सरकार इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है
बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास पश्चिम रेलवे की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, “यह बेहद दुखद है। आपने 400 घर तोड़ दिए। उन 400 घरों के लोग इस भीषण गर्मी में बांद्रा पूर्व की सड़कों पर बैठे हुए हैं। अगर यह वास्तव में अतिक्रमण था, तो इतने सालों तक संबंधित अधिकारी क्या कर रहे थे? उन भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? अब ये प्रभावित लोग कहां जाएंगे? म्हाडा (MHADA) के पास काफी जमीन है, इसलिए इन लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था कहीं न कहीं करनी ही होगी।”
वहीँ, पथराव की घटना पर वारिस पठान ने कहा, “मैं हमेशा हिंसा की निंदा करता हूं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पथराव नहीं होना चाहिए। लेकिन सरकार इतनी कठोर दिल कैसे हो सकती है? वो लोग कहां जाएं? मैं सरकार से मांग करता हूं कि इन लोगों का पुनर्वास किया जाए, उनके दस्तावेजों की जांच की जाए और जो वास्तविक निवासी हैं, उनके लिए तुरंत व्यवस्था की जाए।”
बता दें कि दशकों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने गरीब नगर के करीब 500 अवैध झुग्गियों व ढांचों को ध्वस्त करने का आदेश दिया। दरअसल यह जमीन पश्चिम रेलवे की है, जहां बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया था। अदालत के आदेश पर 19 मई से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया है। पश्चिम रेलवे का कहना है कि वह इस जमीन का इस्तेमाल रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए करेगा।


