CM Suvendu Adhikari PA Murder Case Update: पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले में बंगाल SIT द्वारा हिरासत में लिया गया राज सिंह अब निर्दोष साबित हुआ है। CBI जांच और बारासात कोर्ट के आदेश के बाद राज सिंह को दोषमुक्त कर रिहा कर दिया गया है।
रिहाई के बाद राज सिंह अपने घर लौट आया, जहां परिवार से मिलते ही भावुक माहौल बन गया। मां से मिलकर उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। राज ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, ”अगर CBI नहीं आती तो मेरा एनकाउंटर हो जाता।”
राज सिंह ने सुनाई हिरासत की कहानी
राज सिंह ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में दावा किया कि अगर समय पर CBI जांच अपने हाथ में नहीं लेती, तो शायद उसका फर्जी एनकाउंटर कर दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। राज सिंह के मुताबिक, बंगाल के विशेष अभियान समूह के अधिकारियों ने उन पर अपराध कबूल करने का दबाव बनाया और मुठभेड़ में मार गिराने तक की धमकी दी। राज सिंह ने कहा कि वह लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
असली आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बदला मामला
दरअसल, पहले इस मामले की जांच बंगाल SIT कर रही थी। बाद में मामला CBI को सौंप दिया गया। CBI ने 18 मई को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से असली आरोपी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया। जांच में साफ हुआ कि पहले हिरासत में लिया गया राज सिंह इस हत्या में शामिल नहीं था।
इसके बाद CBI ने निर्दोष राज सिंह की रिहाई के लिए पश्चिम बंगाल की बारासात अदालत में याचिका दाखिल की। अदालत ने सुनवाई के बाद राज सिंह को रिहा करने का आदेश दे दिया।
घर लौटने पर भावुक हुआ परिवार
रिहाई के बाद जब राज सिंह बलिया स्थित आनंद नगर इलाके में अपने घर पहुंचे तो परिवार भावुक हो उठा। मां को देखते ही वह खुद को संभाल नहीं सके और रो पड़े। परिजनों ने कहा कि पिछले कई दिनों से पूरा परिवार मानसिक तनाव में था। परिवार को डर था कि कहीं राज सिंह के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए।
“हत्या से मेरा कोई लेना-देना नहीं”
राज सिंह ने कहा कि वह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राज्य महासचिव हैं और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका इस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं था। उनका आरोप है कि हाई-प्रोफाइल केस होने के कारण उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को बिना ठोस सबूत किसी को आरोपी नहीं बनाना चाहिए।
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड बना चर्चा का विषय
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब कई राज्यों तक पहुंच चुकी है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के बलिया से भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हत्या में इस्तेमाल की गई कार का कनेक्शन भी बलिया से जुड़ा पाया गया था।


