जहानाबाद समाहरणालय में गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा, अतिक्रमण नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान एवं सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में छह प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विचार किया गया। इनमें हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग के लिए एसओपी तैयार करना, अवैध निर्माणों की पहचान, अतिक्रमण हटाने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने तथा प्रत्येक 15 दिनों पर समीक्षा बैठक आयोजित करने जैसे विषय शामिल रहे। जिलाधिकारी ने पुलिस, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम को राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ‘हाईवे सेफ्टी जोन’ में हो रहे निर्माण कार्यों के लाइसेंस का ऑडिट कराने तथा बिना वैध क्लीयरेंस वाले निर्माण कार्यों पर तत्काल ‘स्टॉप वर्क नोटिस’ जारी करने का निर्देश भी दिया गया। अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए एनएचएआई, अंचल अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी को संयुक्त सर्वे अभियान चलाने को कहा गया। आवश्यकतानुसार पुलिस बल की सहायता से कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा सड़क सुरक्षा संकेतक, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप और चेतावनी बोर्ड का ऑडिट कराने पर जोर दिया गया। दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों से जुड़ा गंभीर विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। जहानाबाद समाहरणालय में गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा, अतिक्रमण नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान एवं सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में छह प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विचार किया गया। इनमें हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग के लिए एसओपी तैयार करना, अवैध निर्माणों की पहचान, अतिक्रमण हटाने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने तथा प्रत्येक 15 दिनों पर समीक्षा बैठक आयोजित करने जैसे विषय शामिल रहे। जिलाधिकारी ने पुलिस, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम को राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ‘हाईवे सेफ्टी जोन’ में हो रहे निर्माण कार्यों के लाइसेंस का ऑडिट कराने तथा बिना वैध क्लीयरेंस वाले निर्माण कार्यों पर तत्काल ‘स्टॉप वर्क नोटिस’ जारी करने का निर्देश भी दिया गया। अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए एनएचएआई, अंचल अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी को संयुक्त सर्वे अभियान चलाने को कहा गया। आवश्यकतानुसार पुलिस बल की सहायता से कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा सड़क सुरक्षा संकेतक, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप और चेतावनी बोर्ड का ऑडिट कराने पर जोर दिया गया। दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों से जुड़ा गंभीर विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।


