भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में भेदभाव, बारदान की कमी और फसल बीमा व मुआवजा राशि नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर आक्रोश व्यक्त किया। चेतावनी दी गई है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान 45 डिग्री तापमान में भी जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। यह ज्ञापन भारतीय किसान संघ की जिला बैठक के बाद सौंपा गया, जो किसान भवन झालावाड़ में जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिलेभर के तहसील स्तरीय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। चित्तौड़ प्रांत के प्रांत मंत्री एवं जिला प्रभारी जगदीश खाती ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में हाड़ौती क्षेत्र के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटा एवं बूंदी जिलों में 40 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया, जबकि झालावाड़ एवं बारां जिलों में मात्र 11 प्रतिशत लक्ष्य रखा गया। इसे उन्होंने यहां के किसानों के साथ सीधा-सीधा दोहरा व्यवहार बताया। प्रांत पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख किशन पाटीदार ने समर्थन मूल्य केंद्रों पर बारदान समय पर नहीं पहुंचने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले आठ दिनों से बारदान की कमी के कारण किसान अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। साथ ही, 1 जून से समर्थन मूल्य खरीद केंद्र बंद होने वाले हैं, जबकि बड़ी संख्या में किसान अभी भी अपना गेहूं केंद्रों तक नहीं पहुंचा पाए हैं। इस मजबूरी के कारण किसानों को अपनी फसल बाजार में कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। पाटीदार ने यह भी कहा कि सरकार हर वर्ष समर्थन मूल्य बढ़ाने की घोषणा तो करती है, लेकिन इसका लाभ सभी किसानों को नहीं मिल पाता, जिससे यह योजना किसानों के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है। संभाग उपाध्यक्ष धन सिंह गुर्जर ने बताया कि जिले के लगभग 1 लाख 6 हजार किसानों को अभी तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, जिले की चार तहसीलों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिला है, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 45 डिग्री तापमान में भी किसान एक बार फिर जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन एवं महापड़ाव करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। बैठक में भारतीय किसान संघ की जिला एवं तहसील कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जानकारी भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर ने दी।


