मधेपुरा नगर परिषद के ‘सुंदर मधेपुरा’ अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद क्षेत्र के गुलजारबाग मुहल्ला स्थित वार्ड-20 में पिछले एक माह से नाले का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले गंदे पानी और कीचड़ के कारण इलाके में नारकीय स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले की नियमित सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इसका परिणाम यह है कि गंदा पानी सड़क पर फैल गया है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बाइक सवारों को प्रतिदिन आवागमन में परेशानी हो रही है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई निवासियों का कहना है कि सड़क पर फैली बदबू और कीचड़ के कारण इलाके में रहना दूभर हो गया है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या के संबंध में नगर परिषद और जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नाले की सफाई महीनों से नहीं हुई स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले की सफाई महीनों से नहीं हुई है, जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इससे डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘सुंदर मधेपुरा’ अभियान केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत बदहाल है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल निकासी और सफाई की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे नगर परिषद कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। वार्ड-20 की यह स्थिति नगर परिषद की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। मधेपुरा नगर परिषद के ‘सुंदर मधेपुरा’ अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद क्षेत्र के गुलजारबाग मुहल्ला स्थित वार्ड-20 में पिछले एक माह से नाले का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले गंदे पानी और कीचड़ के कारण इलाके में नारकीय स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले की नियमित सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इसका परिणाम यह है कि गंदा पानी सड़क पर फैल गया है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बाइक सवारों को प्रतिदिन आवागमन में परेशानी हो रही है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई निवासियों का कहना है कि सड़क पर फैली बदबू और कीचड़ के कारण इलाके में रहना दूभर हो गया है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या के संबंध में नगर परिषद और जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नाले की सफाई महीनों से नहीं हुई स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले की सफाई महीनों से नहीं हुई है, जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इससे डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘सुंदर मधेपुरा’ अभियान केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत बदहाल है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल निकासी और सफाई की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे नगर परिषद कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। वार्ड-20 की यह स्थिति नगर परिषद की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।


