पटना में अब खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगेगी। इसे लेकर पटना नगर निगम भी तैयारी में लग गया है। पटना में बिहार का पहला हाईटेक स्लाटर हाउस बनेगा। कस्टमर तक स्वच्छ मांस पहुंचाने के लिए स्लाटर हाउस से लाइसेंसी दुकानों तक इंसुलेटेड वाहनों से सप्लाई की जाएगी। इसे लेकर निगम ने सर्वे भी कराया है। शहर के बाहरी हिस्सों में ही इसका निर्माण किया जाएगा। रामचक बैरिया में भी जगह देखी जा रही है। ये स्लाटर हाउस डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल पर बनाया जाएगा। मांस कारोबार को आधुनिक और स्वच्छ व्यवस्था से जोड़ने के लिए ये पहल की जा रही है। 1420 मांस-मछली दुकानों की पहचान हुई इस हाईटेक प्लांट में ब्लड प्रोसेसिंग यूनिट, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ERP) और साइंटिफिक वेस्ट मैनेजमेंट की विशेष व्यवस्था रहेगी। पशु के अवशेषों और वेस्ट का डिस्पोजल एनवायरमेंटल स्टैंडर्ड के हिसाब से किया जाएगा। इसे लेकर निगम ने सर्वे भी कराया है। शहर में 1420 मांस-मछली दुकानों की पहचान हुई है। इनमें 937 दुकानें अवैध मिलीं, जबकि केवल 90 दुकानों के पास वैध लाइसेंस पाया गया है। इस मॉडर्न क्लोज्ड एनवायरनमेंट स्लाटर हाउस के लिए टेंडर भी निकाला गया है। 1234 दुकानदारों को लाइसेंस रिन्यूअल के लिए नोटिस जारी पटना नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि खुले और अनहाइजीनिक वातावरण में मांस बिक्री सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। इसी कारण निगम अब अवैध दुकानों के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। निगम ने 1234 दुकानदारों को लाइसेंस रिन्यूअल के लिए नोटिस भेजा है। आने वाले समय में केवल रजिस्टर्ड दुकानों को ही अधिकृत सप्लाई दी जाएगी, जिससे राजधानी में स्वच्छ और सुरक्षित मांस आपूर्ति की नई व्यवस्था लागू हो सकेगी। पटना में अब खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगेगी। इसे लेकर पटना नगर निगम भी तैयारी में लग गया है। पटना में बिहार का पहला हाईटेक स्लाटर हाउस बनेगा। कस्टमर तक स्वच्छ मांस पहुंचाने के लिए स्लाटर हाउस से लाइसेंसी दुकानों तक इंसुलेटेड वाहनों से सप्लाई की जाएगी। इसे लेकर निगम ने सर्वे भी कराया है। शहर के बाहरी हिस्सों में ही इसका निर्माण किया जाएगा। रामचक बैरिया में भी जगह देखी जा रही है। ये स्लाटर हाउस डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल पर बनाया जाएगा। मांस कारोबार को आधुनिक और स्वच्छ व्यवस्था से जोड़ने के लिए ये पहल की जा रही है। 1420 मांस-मछली दुकानों की पहचान हुई इस हाईटेक प्लांट में ब्लड प्रोसेसिंग यूनिट, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ERP) और साइंटिफिक वेस्ट मैनेजमेंट की विशेष व्यवस्था रहेगी। पशु के अवशेषों और वेस्ट का डिस्पोजल एनवायरमेंटल स्टैंडर्ड के हिसाब से किया जाएगा। इसे लेकर निगम ने सर्वे भी कराया है। शहर में 1420 मांस-मछली दुकानों की पहचान हुई है। इनमें 937 दुकानें अवैध मिलीं, जबकि केवल 90 दुकानों के पास वैध लाइसेंस पाया गया है। इस मॉडर्न क्लोज्ड एनवायरनमेंट स्लाटर हाउस के लिए टेंडर भी निकाला गया है। 1234 दुकानदारों को लाइसेंस रिन्यूअल के लिए नोटिस जारी पटना नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि खुले और अनहाइजीनिक वातावरण में मांस बिक्री सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। इसी कारण निगम अब अवैध दुकानों के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। निगम ने 1234 दुकानदारों को लाइसेंस रिन्यूअल के लिए नोटिस भेजा है। आने वाले समय में केवल रजिस्टर्ड दुकानों को ही अधिकृत सप्लाई दी जाएगी, जिससे राजधानी में स्वच्छ और सुरक्षित मांस आपूर्ति की नई व्यवस्था लागू हो सकेगी।


