Muskan Verma Cremation Scene: रुड़की में जन्मी एक्ट्रेस मुस्कान वर्मा, जो ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में रणदीप हुड्डा की टीम के एक सदस्य की बेटी और उनकी ‘बहन’ का रोल निभा रही हैं, कहती हैं कि उनके ऑन-स्क्रीन भाई के कमिटमेंट ने उन्हें शो के “सबसे मुश्किल सीन्स में से एक में शानदार परफॉर्मेंस” देने के लिए प्रेरित किया।
HT City से बायत करते हुए उन्होंने बताया, “शूट के दौरान मैंने देखा कि रणदीप सर कैसे अपने किरदार में डूबे रहते थे, तब भी जब वह शूट नहीं कर रहे होते थे। कैमरे के पीछे भी, वो अविनाश की तरह ही बोलते और बर्ताव करते थे। ऐसी लगन देखना सच में एक मास्टरक्लास जैसा था। मैंने उनसे ही यह सीखा और इससे मुझे शूट के दौरान एक बहुत ही इमोशनल सीन करने में काफी मदद मिली।”
हर किसी की आंखों में आंसू थे
ओटीटी प्लेटफॉर्म जिओ हॉटस्टार पर मौजूद वेबसीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में अपने ऑन-स्क्रीन पिता के अंतिम संस्कार के सीन के बारे में बात करते हुए मुस्कान कहती हैं, “हर किसी की आंखों में आंसू थे और मैं उस सीन में इतनी डूब गई कि सचमुच अपना कंट्रोल खो बैठी। वह सीन, जब मैं अंतिम संस्कार की रस्मों में आगे आती हूं, बहुत ही दमदार है। उस सीन में मैं एक बेटे की जिम्मेदारी निभाती हूं, जिसने दर्शकों को भी इमोशनल कर दिया। मुझे उस सीन के लिए बहुत तारीफ मिल रही है और मेरे पास मैसेजेस और DM की बाढ़ आ गई है।”
उन्होंने इस सीन को कैसे शूट किया इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “शूट वाले दिन, मैं अपने किरदार में बने रहने और सीन में पूरी तरह डूबने के लिए सबसे दूर रही। उस सीन को सही से करने के लिए, मुझे ऐसा महसूस करना पड़ा कि मेरे साथ सच में कुछ बुरा हुआ है। एक पल के लिए, मैंने सोचा कि वह मेरे असली पिता हैं और जब रणदीप सर ने मेरे इमोशनल उतार-चढ़ाव को संभाला, तो वह सचमुच मेरे लिए एक असली भाई की तरह थे। शायद इसीलिए मेरी भावनाएं इतनी गहरी थीं और वो स्क्रीन पर भी साफ नजर आईं।”
इस सीन को सही से करने का श्रेय वह रणदीप और डायरेक्टर को देती हैं। “सर ने मेरी बहुत मदद की और जहां भी मुझे कोई डाउट था, वहां मुझे गाइड किया। नीरज (पाठक सर) ने मुझे सलाह दी थी कि मैं अपने ग्लैमर वाले अंदाज़ को एक तरफ रख दूं और एक आम मिडिल-क्लास लड़की के तौर-तरीकों को अपनाऊं, मैंने उनकी सलाह पर काम किया और यह मेरे लिए बहुत काम आया।”
‘कोविड की वजह से मुस्कान वर्मा को ये शो मिला!’
एक्ट्रेस का कहना है कि Covid-19 महामारी के दौरान ही उन्हें इस शो में रोल मिला। “मैं मुंबई में थी और उस समय एक्टर्स अपने-अपने होमटाउन वापस जा रहे थे। मेरा परिवार भी चाहता था कि मैं वापस चली जाऊं, लेकिन मैंने यहीं रुकने का फैसला किया। उसी दौरान एक कास्टिंग पर्सन ने मुझे इस रोल के बारे में बताया और नीरज सर से मिलने को कहा। मैंने इसे ज्यादा सीरियसली नहीं लिया, लेकिन उन्होंने मुझे फिर से कॉल किया। मैं सर से मिली और पांच राउंड के ऑडिशन के बाद मुझे यह रोल मिल गया। वो सबके लिए एक मुश्किल दौर था, लेकिन अगर मैं मुंबई छोड़कर चली गई होती, तो मुझे यह रोल नहीं मिलता। यह एक तरह से मेरे लिए वरदान साबित हुआ।”
‘हिंदी बैकग्राउंड से मुझे मदद मिली’
मुस्कान का कहना है कि हिंदी बेल्ट से होने की वजह से उन्हें हिंदी भाषी इलाकों पर आधारित शो में काफी मदद मिलती है। “मैं रुड़की से हूं, जो पहले उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) में आता था। मेरे पापा जर्नलिस्ट हैं और मम्मी टीचर, इसलिए हिंदी बोलना हमारे लिए बहुत नैचुरल है, लेकिन मैंने इसे और बेहतर बनाने के लिए बहुत कुछ पढ़ा और कई वर्कशॉप्स भी कीं। यहां बोली जाने वाली हिंदी मेरे होमटाउन की हिंदी से थोड़ी अलग है, इसलिए मुझे ‘बाऊजी’, ‘हम’ जैसे छोटे-छोटे शब्दों और बारीकियों पर काफी काम करना पड़ता है। हिंदी पर अच्छी पकड़ होने से हमें निश्चित तौर पर मदद मिलती है और मेकर्स का भी हम पर भरोसा बढ़ता है।’
मुस्कान वर्मा का एक्टिंग करियर
अपने एक्टिंग करियर के बारे में वो कहती हैं, “मैंने अपने करियर की शुरुआत सुनील शेट्टी के साथ एक कमर्शियल ऐड से की थी। मैंने टीवी शो ‘राधाकृष्ण’ में राधाजी की सहेली चित्रलेखा का किरदार निभाया था, लेकिन एक फिल्म के लिए मैंने बीच में ही वह शो छोड़ दिया था; बदकिस्मती से वो फिल्म बन ही नहीं पाई। मैंने सिंगर अल्तमश फरीदी के साथ ‘बारिश’ (2021) और सिंगर स्वाति शर्मा के साथ ‘रांझणा वे’ (2024) जैसे म्यूजिक वीडियो किए हैं, साथ ही ‘मुकम्मल’ (2025) नाम की एक गजल भी गाई है। मेरा एक और शो भी जल्द ही शुरू होने वाला है, लेकिन जब तक उसकी ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं हो जाती, तब तक हम उसके बारे में कोई बात नहीं कर सकते। हो सकता है कि हमारे शो का तीसरा सीजन भी आए, जिसकी मुझे पूरी उम्मीद है। मेरा यह सफर तो अभी बस शुरू ही हुआ है!”


