सुपौल में जिला वित्त प्रबंधक की सेवा समाप्त:बिना मंजूरी 899 मनरेगा योजनाएं मार्क करने पर DM सावन कुमार का एक्शन

सुपौल में जिला वित्त प्रबंधक की सेवा समाप्त:बिना मंजूरी 899 मनरेगा योजनाएं मार्क करने पर DM सावन कुमार का एक्शन

सुपौल में डीएम सावन कुमार ने मनरेगा योजनाओं में अनियमितता को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), सुपौल में कार्यरत जिला वित्त प्रबंधक विशाल कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन पर डीपीसी लॉगिन का दुरुपयोग कर बिना सक्षम स्वीकृति के मनरेगा योजनाओं को ऑनलाइन मार्क करने का आरोप था। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था, जिसने वित्तीय वर्ष 2024-25 में डीपीसी लॉगिन से मार्क की गई योजनाओं की जांच की। जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि विभिन्न श्रेणी की कुल 991 मनरेगा योजनाएं डीपीसी लॉगिन से ऑनलाइन मार्क की गई थीं। इनमें आंगनबाड़ी, बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण कनेक्टिविटी, जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई जैसी योजनाएं शामिल थीं। 899 योजनाओं को मनमाने ढंग से मार्क किया जांच में पाया गया कि 991 योजनाओं में से केवल 92 योजनाओं को ही संचिका के माध्यम से सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त था, जबकि शेष 899 योजनाओं को बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए मनमाने ढंग से मार्क किया गया। मामले में जिला वित्त प्रबंधक विशाल कुमार से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम सह जिला कार्यक्रम समन्वयक सावन कुमार ने इसे कर्तव्य में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना मानते हुए बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (BRDS) के नियमों के तहत अनुबंध रद्द कर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की। आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित कर्मी 30 दिनों के भीतर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव के समक्ष अपील कर सकते हैं। सुपौल में डीएम सावन कुमार ने मनरेगा योजनाओं में अनियमितता को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), सुपौल में कार्यरत जिला वित्त प्रबंधक विशाल कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन पर डीपीसी लॉगिन का दुरुपयोग कर बिना सक्षम स्वीकृति के मनरेगा योजनाओं को ऑनलाइन मार्क करने का आरोप था। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था, जिसने वित्तीय वर्ष 2024-25 में डीपीसी लॉगिन से मार्क की गई योजनाओं की जांच की। जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि विभिन्न श्रेणी की कुल 991 मनरेगा योजनाएं डीपीसी लॉगिन से ऑनलाइन मार्क की गई थीं। इनमें आंगनबाड़ी, बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण कनेक्टिविटी, जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई जैसी योजनाएं शामिल थीं। 899 योजनाओं को मनमाने ढंग से मार्क किया जांच में पाया गया कि 991 योजनाओं में से केवल 92 योजनाओं को ही संचिका के माध्यम से सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त था, जबकि शेष 899 योजनाओं को बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए मनमाने ढंग से मार्क किया गया। मामले में जिला वित्त प्रबंधक विशाल कुमार से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम सह जिला कार्यक्रम समन्वयक सावन कुमार ने इसे कर्तव्य में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना मानते हुए बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (BRDS) के नियमों के तहत अनुबंध रद्द कर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की। आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित कर्मी 30 दिनों के भीतर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव के समक्ष अपील कर सकते हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *