बारां पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ड्रग माफियाओं की 5 करोड़ 82 लाख रुपए की अवैध चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसे जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के हांडीखोह निवासी किशोर कुमार मीणा, उसके भाई घनश्याम मीणा और पत्नी अनिता मीणा द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्तियों का आर्थिक अनुसंधान किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अवैध कमाई को आलीशान मकानों, वाहनों और बैंक खातों में निवेश किया था। जांच के दौरान पुलिस ने दो दोमंजिला आलीशान मकान, एक स्कॉर्पियो, मारुति सुजुकी कार, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और दो स्कूटियों सहित लगभग 2.50 करोड़ रुपए की संपत्ति चिन्हित की। वहीं, बैंक खातों के विश्लेषण में पिछले वर्षों में लगभग 3 करोड़ 32 लाख रुपए का लेनदेन सामने आया। पुलिस के अनुसार आरोपियों की वैध आय बेहद कम है, जबकि करोड़ों की संपत्ति और लेनदेन अवैध मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ा पाया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार किशोर कुमार मीणा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा के दो मामले दर्ज हैं। इन मामलों में उसके कब्जे से कुल 263 किलो डोडा-चूरा बरामद किया गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 39 लाख 45 हजार रुपए आंकी गई। इसके बाद पुलिस ने आर्थिक जांच शुरू कर संपत्तियों का पूरा ब्यौरा तैयार किया। बारां पुलिस ने सक्षम प्राधिकारी एनडीपीएस एक्ट नई दिल्ली के समक्ष फ्रीजिंग कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया, जिसे अनुमोदन मिल गया है। फ्रीजिंग आदेश के बाद आरोपी अब इन संपत्तियों की बिक्री, हस्तांतरण या उपयोग नहीं कर सकेंगे। इस मामले में आयकर विभाग, स्टांप विभाग और जीएसटी विभाग भी सक्रिय हो गए हैं। आय से अधिक संपत्ति, स्टांप दस्तावेज और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की अलग-अलग स्तर पर जांच जारी है। एसपी अभिषेक अंदासु ने कहा कि बारां पुलिस जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित हर अवैध संपत्ति पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


