झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में साइबर अपराध का नेटवर्क लगातार फैल रहा है। जामताड़ा के बाद अब देवघर भी तेजी से साइबर ठगी का नया गढ़ बनता जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस अपराध में अब केवल युवा पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कैशबैक और आकर्षक ऑफर का लालच देकर करती थी ठगी हाल ही में मधुपुर अनुमंडल के पथरौल थाना क्षेत्र से महिला साइबर अपराधी रूबी कुमारी की गिरफ्तारी ने इस मामले को और उजागर किया है। पुलिस के अनुसार, रूबी कुमारी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट के नाम पर लोगों को फर्जी लिंक भेजती थी। वह कैशबैक और आकर्षक ऑफर का लालच देकर लोगों से उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल करती थी और फिर खातों से रकम उड़ा लेती थी। पारिवारिक संबंधों की भी गहन जांच की जा रही देवघर एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि महिलाओं के जरिए साइबर ठगी करना अपराधियों के लिए आसान हो जाता है, क्योंकि आम लोग महिलाओं की बातों पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि रूबी कुमारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी जांच रणनीति में बदलाव किया है। अब गिरफ्तार साइबर अपराधियों के नेटवर्क के साथ-साथ उनके पारिवारिक संबंधों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन साइबर अपराध रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है। विभिन्न थाना क्षेत्रों में लोगों को फर्जी कॉल, लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। देवघर कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार राय ने बताया कि अदालतों में महिलाओं की साइबर अपराध में संलिप्तता के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुरुष अपराधियों के जेल जाने के बाद उनकी पत्नियां या अन्य महिला सदस्य गिरोह का संचालन करती हैं। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में कई आरोपी आसानी से जमानत पर बाहर आ जाते हैं। वर्तमान में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती महिलाओं की बढ़ती संलिप्तता वाले इस नए साइबर नेटवर्क को तोड़ना है। झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में साइबर अपराध का नेटवर्क लगातार फैल रहा है। जामताड़ा के बाद अब देवघर भी तेजी से साइबर ठगी का नया गढ़ बनता जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस अपराध में अब केवल युवा पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कैशबैक और आकर्षक ऑफर का लालच देकर करती थी ठगी हाल ही में मधुपुर अनुमंडल के पथरौल थाना क्षेत्र से महिला साइबर अपराधी रूबी कुमारी की गिरफ्तारी ने इस मामले को और उजागर किया है। पुलिस के अनुसार, रूबी कुमारी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट के नाम पर लोगों को फर्जी लिंक भेजती थी। वह कैशबैक और आकर्षक ऑफर का लालच देकर लोगों से उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल करती थी और फिर खातों से रकम उड़ा लेती थी। पारिवारिक संबंधों की भी गहन जांच की जा रही देवघर एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि महिलाओं के जरिए साइबर ठगी करना अपराधियों के लिए आसान हो जाता है, क्योंकि आम लोग महिलाओं की बातों पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि रूबी कुमारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी जांच रणनीति में बदलाव किया है। अब गिरफ्तार साइबर अपराधियों के नेटवर्क के साथ-साथ उनके पारिवारिक संबंधों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन साइबर अपराध रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है। विभिन्न थाना क्षेत्रों में लोगों को फर्जी कॉल, लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। देवघर कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार राय ने बताया कि अदालतों में महिलाओं की साइबर अपराध में संलिप्तता के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुरुष अपराधियों के जेल जाने के बाद उनकी पत्नियां या अन्य महिला सदस्य गिरोह का संचालन करती हैं। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में कई आरोपी आसानी से जमानत पर बाहर आ जाते हैं। वर्तमान में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती महिलाओं की बढ़ती संलिप्तता वाले इस नए साइबर नेटवर्क को तोड़ना है।


