प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील के बाद राजनीतिक और कारोबारी हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बक्सर सदर से कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी ने इस अपील को छोटे सर्राफा कारोबारियों और पारंपरिक स्वर्णकारों के लिए ‘डेथ वारंट’ करार दिया है। पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान लगन (शादी) के मौसम में कारोबार पर सीधा नकारात्मक असर डालेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे हजारों छोटे व्यापारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ब्याज पर पैसा लेकर कारोबार करते हैं व्यापारी मुन्ना तिवारी के अनुसार, बक्सर जैसे शहरों में अधिकांश सर्राफा व्यवसाय छोटे स्तर पर संचालित होते हैं, जहां व्यापारी अक्सर ब्याज पर पैसा लेकर कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद से ही व्यापारी वर्ग आर्थिक दबाव से जूझ रहा था। तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की यह अपील स्वर्ण व्यवसायियों को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ने वाली साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण छोटे व्यापारी लगातार संकट में फंसते जा रहे हैं। लगन का सीजन सर्राफा कारोबार के लिए महत्वपूर्ण उन्होंने जोर दिया कि लगन का सीजन सर्राफा कारोबार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। सोना न खरीदने की सलाह से बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और इसका सीधा प्रभाव व्यापारियों की आजीविका पर पड़ेगा। कई परिवार पूरी तरह इस व्यवसाय पर निर्भर हैं, और बिक्री प्रभावित होने पर उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देशभर के करोड़ों स्वर्णकार, कारीगर और छोटे व्यापारी इस उद्योग से जुड़े हुए हैं। सरकार को ऐसे बयान देने से पहले छोटे कारोबारियों की स्थिति को समझना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयात शुल्क बढ़ाने और बाजार में अनिश्चितता पैदा करने से तस्करी और जमाखोरी जैसी समस्याओं को बढ़ावा मिलेगा। मुन्ना तिवारी ने अंत में कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री जनता से सोना न खरीदने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपने स्वर्ण भंडार में लगातार वृद्धि कर रहे हैं। उन्होंने इसे विरोधाभासी स्थिति बताते हुए कहा कि सरकार की नीतियां आम व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के हित में नहीं दिख रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील के बाद राजनीतिक और कारोबारी हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बक्सर सदर से कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी ने इस अपील को छोटे सर्राफा कारोबारियों और पारंपरिक स्वर्णकारों के लिए ‘डेथ वारंट’ करार दिया है। पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान लगन (शादी) के मौसम में कारोबार पर सीधा नकारात्मक असर डालेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे हजारों छोटे व्यापारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ब्याज पर पैसा लेकर कारोबार करते हैं व्यापारी मुन्ना तिवारी के अनुसार, बक्सर जैसे शहरों में अधिकांश सर्राफा व्यवसाय छोटे स्तर पर संचालित होते हैं, जहां व्यापारी अक्सर ब्याज पर पैसा लेकर कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद से ही व्यापारी वर्ग आर्थिक दबाव से जूझ रहा था। तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की यह अपील स्वर्ण व्यवसायियों को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ने वाली साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण छोटे व्यापारी लगातार संकट में फंसते जा रहे हैं। लगन का सीजन सर्राफा कारोबार के लिए महत्वपूर्ण उन्होंने जोर दिया कि लगन का सीजन सर्राफा कारोबार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। सोना न खरीदने की सलाह से बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और इसका सीधा प्रभाव व्यापारियों की आजीविका पर पड़ेगा। कई परिवार पूरी तरह इस व्यवसाय पर निर्भर हैं, और बिक्री प्रभावित होने पर उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देशभर के करोड़ों स्वर्णकार, कारीगर और छोटे व्यापारी इस उद्योग से जुड़े हुए हैं। सरकार को ऐसे बयान देने से पहले छोटे कारोबारियों की स्थिति को समझना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयात शुल्क बढ़ाने और बाजार में अनिश्चितता पैदा करने से तस्करी और जमाखोरी जैसी समस्याओं को बढ़ावा मिलेगा। मुन्ना तिवारी ने अंत में कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री जनता से सोना न खरीदने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपने स्वर्ण भंडार में लगातार वृद्धि कर रहे हैं। उन्होंने इसे विरोधाभासी स्थिति बताते हुए कहा कि सरकार की नीतियां आम व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के हित में नहीं दिख रही हैं।


