नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टर पर हमला:इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान मारपीट, एक युवक हिरासत में, डॉक्टरों में आक्रोश बढ़ा

नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टर पर हमला:इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान मारपीट, एक युवक हिरासत में, डॉक्टरों में आक्रोश बढ़ा

नवादा सदर अस्पताल में रविवार को एक सीनियर डॉक्टर श्रीकांत प्रसाद पर जानलेवा हमला किया गया। यह घटना इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान हुई। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है और नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉक्टर श्रीकांत प्रसाद ने बताया कि वे इमरजेंसी में ड्यूटी पर थे। मारपीट के चार आरोपी आए थे, जिनमें से उन्होंने तीन लोगों की चोटों का नोट बनाया। चौथे व्यक्ति ने उनके साथ बदतमीजी और गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि उनके चैंबर में दरवाजा भी नहीं है, जिससे उन्हें बचाव करने में काफी परेशानी हुई। घटना से डॉक्टरों में काफी आक्रोश
यदि स्थानीय लोग बीच-बचाव नहीं करते तो एक बड़ी घटना हो सकती थी। इस घटना से डॉक्टरों में काफी आक्रोश है। नवादा का सदर अस्पताल सुविधाओं के मामले में पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में नौकरी करना और घर पर रहना एक बराबर है, क्योंकि 300 बेड के इस अस्पताल में डॉक्टरों की जान को हर समय खतरा बना रहता है। मनोज कुमार पर भी जानलेवा हमला किया गया
यह नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टरों पर हमले की दूसरी घटना है। इससे पहले डॉक्टर मनोज कुमार पर भी जानलेवा हमला किया गया था। थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ने सदर अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिस युवक ने हमला किया था, उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक और अन्य डॉक्टरों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। नवादा सदर अस्पताल में रविवार को एक सीनियर डॉक्टर श्रीकांत प्रसाद पर जानलेवा हमला किया गया। यह घटना इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान हुई। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है और नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉक्टर श्रीकांत प्रसाद ने बताया कि वे इमरजेंसी में ड्यूटी पर थे। मारपीट के चार आरोपी आए थे, जिनमें से उन्होंने तीन लोगों की चोटों का नोट बनाया। चौथे व्यक्ति ने उनके साथ बदतमीजी और गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि उनके चैंबर में दरवाजा भी नहीं है, जिससे उन्हें बचाव करने में काफी परेशानी हुई। घटना से डॉक्टरों में काफी आक्रोश
यदि स्थानीय लोग बीच-बचाव नहीं करते तो एक बड़ी घटना हो सकती थी। इस घटना से डॉक्टरों में काफी आक्रोश है। नवादा का सदर अस्पताल सुविधाओं के मामले में पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में नौकरी करना और घर पर रहना एक बराबर है, क्योंकि 300 बेड के इस अस्पताल में डॉक्टरों की जान को हर समय खतरा बना रहता है। मनोज कुमार पर भी जानलेवा हमला किया गया
यह नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टरों पर हमले की दूसरी घटना है। इससे पहले डॉक्टर मनोज कुमार पर भी जानलेवा हमला किया गया था। थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ने सदर अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिस युवक ने हमला किया था, उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक और अन्य डॉक्टरों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  

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