जॉब के लिए डॉक्युमेंट्स जमा करने से पहले हत्या:घर से 1 किलोमीटर दूर सिर, छाती में दागी बुलेट; पिता की जगह अनुकंपा पर मिलनी थी नौकरी

जॉब के लिए डॉक्युमेंट्स जमा करने से पहले हत्या:घर से 1 किलोमीटर दूर सिर, छाती में दागी बुलेट; पिता की जगह अनुकंपा पर मिलनी थी नौकरी

‘मेरा बेटा खेत जाने की बात कह कर घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटा और फोन भी रिसीव नहीं किया तो लगा कि अपहरण हो गया है। इसी के आधार पर हमने पुलिस को सूचना दिया था। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस जब बहियार में पहुंची तो रॉबिन की लाश पड़ी हुई थी। पति की मौत से अभी उबड़ी भी नहीं कि बेटे को मार दिया गया है।’ बेगूसराय के बखरी थाना क्षेत्र की लौटते गांव की रहने वाली रानी देवी ने ये बातें कही। रानी देवी के बड़े बेटे 30 साल के रॉबिन कुमार की हत्या बुधवार की रात घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर गोली मारकर कर दी गई। रानी देवी आशा कार्यकर्ता हैं और उनके पति विपुल सिंह उद्योग विभाग खगड़िया में पोस्टेड थे। 31 मार्च को वह रिटायर होने वाले थे। उससे पहले 17 मार्च को हर्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद पेंशन का कागज और बड़े बेटे रॉबिन को अनुकंपा पर नौकरी दिलाने के लिए पेपर लेकर गुरुवार को खगड़िया समाहरणालय जाने वाली थी। लेकिन जिस बेटा को नौकरी दिलाने के लिए वह समाहरणालय जाती, उसकी हत्या कर दी गई। रानी के बेटे रॉबिन की हत्या किसने और क्यों की? रानी देवी ने बेटे की हत्या को लेकर क्या कहा? पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए रॉबिन की हत्या को लेकर रानी ने क्या बताया? रानी ने कहा कि मार्च में पति विपुल सिंह की मौत और अब बेटे की हत्या से रानी देवी टूट चुकी है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से पूरी घटना बताया है। रानी देवी ने बताया कि बुधवार की रात जब मेरा बेटा गाय दूह रहा था, तभी उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया तो वह बेचैन हो गया। मेरे रोकने के बावजूद वह खेत जुतवाने की बात कह कर घर से निकल गया। निकालने के एक घंटा बाद वापस नहीं लौटा तो 8:30 से 9:00 बजे तक हम उसको फोन करते रहे, फोन रिसीव नहीं किया। फिर मेरा छोटा बेटा सुबीन गांव के ही रघु नाम के युवक के साथ उसे खोजने गया। काफी खोजबीन के बाद जब रॉबिन नहीं मिला तो अपने रिश्तेदारों को फोन किया‌। उन्होंने कहा कि आशंका हुई कि जमीन का विवाद चल रहा है और उसी को लेकर मेरे बेटे का अपहरण कर लिया गया हो। क्योंकि अपने खानदान के ही लोगों से जमीन का विवाद चल रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने रॉबिन का मोबाइल नंबर लेकर ट्रेस करना शुरू किया। लोकेशन के आधार पर पुलिस जब पोठियारी बहियार में स्थित मेरे खानदानी खेत के पास पहुंची तो वहीं पर रॉबिन की लाश पड़ी थी। उसके सिर और छाती में गोली मार कर हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही सभी लोग मौके पर पहुंचे। लाश पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को लाया गया था और अंतिम संस्कार कर दिया गया। रानी देवी ने 11 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया मामला रानी ने बताया कि इस मामले में हमने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस कल से ही आ रही है, पुलिस के बड़े अधिकारी भी आए, मेरे घर में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, उसकी जांच की गई है। पुलिस अधिकारी डीवीआर लेकर गए हैं, सीसीटीवी में दिखा कि मेरा बेटा जब घर से निकला तो उसके आगे-पीछे चारी युवक चल रहे थे। थोड़ी देर बाद हमने तीन बाइक के गुजरने की भी आवाज सुनी थी। रॉबिन बहुत होशियार था और ग्रेजुएशन करने के बाद पुणे में रहकर बिल्डर का काम करता था। पिछले साल वह गांव आया और जरूरी काम रहने के कारण यही रह गया। 17 मार्च को मेरे पति की मौत हो गई। जिसके लिए हम अपना पेंशन चालू करवाने और अनुकंपा का पेपर लेकर खगड़िया जाने वाले थे। लेकिन जिस दिन बेटा को नौकरी दिलवाने के लिए जाते, जो समय खगड़िया जाने का था, उस समय बेटे की लाश दरवाजे पर पड़ी हुई थी। इससे बड़ा और दुर्भाग्य और क्या हो सकता है। ‘जमीन विवाद को लेकर मेरे भाई रॉबिन की हत्या की गई है’ इधर मृतक रॉबिन कुमार के छोटा भाई सुबीन कुमार का स्पष्ट रूप से कहना है कि जमीन विवाद को लेकर मेरे भाई रॉबिन की हत्या की गई है। 7 मार्च को मेरे साथ मारपीट किया गया था और 17 मार्च को पिताजी की मौत के बाद हम उसमें कुछ नहीं कर सके। झगड़ा करने वालों ने हत्या करने की धमकी दी थी। बुधवार की शाम हम गांव में ही बटेदार के पास गए थे। पत्नी के फोन पर घर लौटे तो पता चला कि मेरा भाई खेत गया है। हमने खोजबीन किया लेकिन पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दिया। फिलहाल इस मामले में बखरी डीएसपी कुंदन कुमार एवं थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार की टीम पूरी तत्परता से काम कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल जाने के साथ ही लोकल इनपुट सहित अन्य पहलुओं पर मामले की जांच चल रही है। हालांकि अभी तक हत्यारे या नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस सूत्रों की मांने तो मृतक की मां रानी देवी के बयान पर 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है। लेकिन इसमें से कितने लोग घटना में शामिल हैं, इसकी जांच चल रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट कुछ हो सकेगा। लेकिन पुलिस न सिर्फ जमीनी विवाद को लेकर अनुसंधान नहीं कर रही है। जमीन विवाद के अलावा अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल कर रही पुलिस पुलिस के अनुसंधान की दिशा अन्य ओर भी चल रहा है। रॉबिन कुमार के पिता विपुल कुमार सिंह उद्योग विभाग में कार्यरत थे। 31 मार्च को वह रिटायर होने वाले थे, लेकिन उससे ठीक 14 दिन पहले हर्ट अटैक से मौत होना। परिजनों की ओर से उससे पहले 7 मार्च को मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने की बात कहना भी संदेहास्पद है। पुलिस संदेह की दृष्टि से देख रही है कि रॉबिन जब पुणे में बिल्डर का काम करता था तो एक साल से गांव में क्यों रह रहा था। दो भाईयों में रॉबिन बड़ा था, लेकिन उसकी छोटे भाई सुबीन की शादी पहले क्यों हो गई? रॉबिन कुंवारा क्यों था? पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि बड़ा भाई रहने के कारण पिता की जगह अनुकंपा पर रॉबिन को नौकरी मिलती और उसे नौकरी नहीं मिले, इसको लेकर रास्ते से हटाने के लिए तो कहीं घटना को अंजाम नहीं दिया गया है? ‘मेरा बेटा खेत जाने की बात कह कर घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटा और फोन भी रिसीव नहीं किया तो लगा कि अपहरण हो गया है। इसी के आधार पर हमने पुलिस को सूचना दिया था। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस जब बहियार में पहुंची तो रॉबिन की लाश पड़ी हुई थी। पति की मौत से अभी उबड़ी भी नहीं कि बेटे को मार दिया गया है।’ बेगूसराय के बखरी थाना क्षेत्र की लौटते गांव की रहने वाली रानी देवी ने ये बातें कही। रानी देवी के बड़े बेटे 30 साल के रॉबिन कुमार की हत्या बुधवार की रात घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर गोली मारकर कर दी गई। रानी देवी आशा कार्यकर्ता हैं और उनके पति विपुल सिंह उद्योग विभाग खगड़िया में पोस्टेड थे। 31 मार्च को वह रिटायर होने वाले थे। उससे पहले 17 मार्च को हर्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद पेंशन का कागज और बड़े बेटे रॉबिन को अनुकंपा पर नौकरी दिलाने के लिए पेपर लेकर गुरुवार को खगड़िया समाहरणालय जाने वाली थी। लेकिन जिस बेटा को नौकरी दिलाने के लिए वह समाहरणालय जाती, उसकी हत्या कर दी गई। रानी के बेटे रॉबिन की हत्या किसने और क्यों की? रानी देवी ने बेटे की हत्या को लेकर क्या कहा? पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए रॉबिन की हत्या को लेकर रानी ने क्या बताया? रानी ने कहा कि मार्च में पति विपुल सिंह की मौत और अब बेटे की हत्या से रानी देवी टूट चुकी है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से पूरी घटना बताया है। रानी देवी ने बताया कि बुधवार की रात जब मेरा बेटा गाय दूह रहा था, तभी उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया तो वह बेचैन हो गया। मेरे रोकने के बावजूद वह खेत जुतवाने की बात कह कर घर से निकल गया। निकालने के एक घंटा बाद वापस नहीं लौटा तो 8:30 से 9:00 बजे तक हम उसको फोन करते रहे, फोन रिसीव नहीं किया। फिर मेरा छोटा बेटा सुबीन गांव के ही रघु नाम के युवक के साथ उसे खोजने गया। काफी खोजबीन के बाद जब रॉबिन नहीं मिला तो अपने रिश्तेदारों को फोन किया‌। उन्होंने कहा कि आशंका हुई कि जमीन का विवाद चल रहा है और उसी को लेकर मेरे बेटे का अपहरण कर लिया गया हो। क्योंकि अपने खानदान के ही लोगों से जमीन का विवाद चल रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने रॉबिन का मोबाइल नंबर लेकर ट्रेस करना शुरू किया। लोकेशन के आधार पर पुलिस जब पोठियारी बहियार में स्थित मेरे खानदानी खेत के पास पहुंची तो वहीं पर रॉबिन की लाश पड़ी थी। उसके सिर और छाती में गोली मार कर हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही सभी लोग मौके पर पहुंचे। लाश पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को लाया गया था और अंतिम संस्कार कर दिया गया। रानी देवी ने 11 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया मामला रानी ने बताया कि इस मामले में हमने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस कल से ही आ रही है, पुलिस के बड़े अधिकारी भी आए, मेरे घर में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, उसकी जांच की गई है। पुलिस अधिकारी डीवीआर लेकर गए हैं, सीसीटीवी में दिखा कि मेरा बेटा जब घर से निकला तो उसके आगे-पीछे चारी युवक चल रहे थे। थोड़ी देर बाद हमने तीन बाइक के गुजरने की भी आवाज सुनी थी। रॉबिन बहुत होशियार था और ग्रेजुएशन करने के बाद पुणे में रहकर बिल्डर का काम करता था। पिछले साल वह गांव आया और जरूरी काम रहने के कारण यही रह गया। 17 मार्च को मेरे पति की मौत हो गई। जिसके लिए हम अपना पेंशन चालू करवाने और अनुकंपा का पेपर लेकर खगड़िया जाने वाले थे। लेकिन जिस दिन बेटा को नौकरी दिलवाने के लिए जाते, जो समय खगड़िया जाने का था, उस समय बेटे की लाश दरवाजे पर पड़ी हुई थी। इससे बड़ा और दुर्भाग्य और क्या हो सकता है। ‘जमीन विवाद को लेकर मेरे भाई रॉबिन की हत्या की गई है’ इधर मृतक रॉबिन कुमार के छोटा भाई सुबीन कुमार का स्पष्ट रूप से कहना है कि जमीन विवाद को लेकर मेरे भाई रॉबिन की हत्या की गई है। 7 मार्च को मेरे साथ मारपीट किया गया था और 17 मार्च को पिताजी की मौत के बाद हम उसमें कुछ नहीं कर सके। झगड़ा करने वालों ने हत्या करने की धमकी दी थी। बुधवार की शाम हम गांव में ही बटेदार के पास गए थे। पत्नी के फोन पर घर लौटे तो पता चला कि मेरा भाई खेत गया है। हमने खोजबीन किया लेकिन पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दिया। फिलहाल इस मामले में बखरी डीएसपी कुंदन कुमार एवं थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार की टीम पूरी तत्परता से काम कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल जाने के साथ ही लोकल इनपुट सहित अन्य पहलुओं पर मामले की जांच चल रही है। हालांकि अभी तक हत्यारे या नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस सूत्रों की मांने तो मृतक की मां रानी देवी के बयान पर 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है। लेकिन इसमें से कितने लोग घटना में शामिल हैं, इसकी जांच चल रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट कुछ हो सकेगा। लेकिन पुलिस न सिर्फ जमीनी विवाद को लेकर अनुसंधान नहीं कर रही है। जमीन विवाद के अलावा अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल कर रही पुलिस पुलिस के अनुसंधान की दिशा अन्य ओर भी चल रहा है। रॉबिन कुमार के पिता विपुल कुमार सिंह उद्योग विभाग में कार्यरत थे। 31 मार्च को वह रिटायर होने वाले थे, लेकिन उससे ठीक 14 दिन पहले हर्ट अटैक से मौत होना। परिजनों की ओर से उससे पहले 7 मार्च को मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने की बात कहना भी संदेहास्पद है। पुलिस संदेह की दृष्टि से देख रही है कि रॉबिन जब पुणे में बिल्डर का काम करता था तो एक साल से गांव में क्यों रह रहा था। दो भाईयों में रॉबिन बड़ा था, लेकिन उसकी छोटे भाई सुबीन की शादी पहले क्यों हो गई? रॉबिन कुंवारा क्यों था? पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि बड़ा भाई रहने के कारण पिता की जगह अनुकंपा पर रॉबिन को नौकरी मिलती और उसे नौकरी नहीं मिले, इसको लेकर रास्ते से हटाने के लिए तो कहीं घटना को अंजाम नहीं दिया गया है?  

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