अलवर नगर निगम में सहायक लेखाधिकारियों के साथ गाली-गलौच, धक्का-मुक्की, अभद्रता और सरकारी फाइल छीनने के मामले में अब कर्मचारी संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। घटना के कई दिन बाद भी आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होने पर निगम कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों ने सोमवार से आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी है। असल में 13 मई को ठेकेदार प्रवीण चौधरी AAO हरीश जैन और वसीम के कमरे में पहुंचा, जहां उसने AAO के साथ गाली-गलौच और धक्का-मुक्की करते हुए सरकारी फाइल अपने साथ ले ली। इसके बाद कर्मचारी ने उसी दिन कोतवाली थाने में शिकायत दी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। बाद में शुक्रवार शाम को निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने भी थाने को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन इसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इस पर AAO हरीश जैन का कहना है कि ठेकेदार के दबाव में पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका आरोप है कि ठेकेदार प्रवीण चौधरी ने राजकार्य में बाधा डाली, गाली-गलौच की और धमकी देकर चला गया, लेकिन पुलिस अब तक कार्रवाई नहीं कर रही। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ठेकेदार प्रवीण चौधरी AAO को धमकी देते हुए कह रहा है, “तेरा इलाज करूंगा, तू लिख लेना,” और दबंगई दिखाते हुए फाइल ले जाता दिखाई दे रहा है। इस मामले में कोतवाली थाने के कार्यवाहक प्रभारी ओम प्रकाश का कहना है कि उनके पास कोई कर्मचारी या अधिकारी रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि कोतवाल रमेश सैनी आने के बाद मामले को देखेंगे। इधर, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) सहित कई कर्मचारी संगठनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने इसे सरकारी कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।


