Blood Pressure Control Diet: आजकल हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खराब खानपान, तनाव, कम फिजिकल एक्टिविटी और बढ़ता वजन इसकी बड़ी वजह माने जाते हैं। लेकिन हाल ही में आई एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि रोजाना दालें और सोया फूड्स खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम हो सकता है।
यह रिसर्च BMJ Nutrition Prevention & Health जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें अमेरिका, एशिया और यूरोप के हजारों लोगों पर हुई कई स्टडीज का विश्लेषण किया गया। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग ज्यादा मात्रा में दाल, चना, राजमा, मटर और सोया से बने फूड्स खाते थे, उनमें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी कम देखा गया।
कितनी मात्रा में फायदेमंद हैं दाल और सोया?
रिसर्च के मुताबिक, रोजाना करीब 170 ग्राम दालें और 60 से 80 ग्राम सोया फूड्स खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद पाया गया। सोया फूड्स में टोफू, सोया मिल्क, एडामेम, टेम्पेह, मिसो शामिल है। जबकि दालों में मसूर दाल, चना, राजमा, मटर, बीन्स शामिल हैं।
कितना कम हो सकता है खतरा?
रिसर्च में सामने आया कि ज्यादा दाल खाने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा 16% तक कम था। वहीं सोया फूड्स खाने वालों में यह जोखिम 19% तक कम पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इन चीजों में पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. टी. पी. शर्मा के मुताबिक, आजकल कम उम्र में भी हाई बीपी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में खानपान में बदलाव बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि दाल और सोया प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं और ये हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। अगर इन्हें संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जाए, तो ब्लड प्रेशर के साथ-साथ वजन और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में भी मदद मिल सकती है।
क्यों बढ़ रहा है हाई ब्लड प्रेशर?
डॉक्टर के अनुसार इन वजहों से हाई बीपी का खतरा बढ़ता है:
- ज्यादा नमक खाना
- फास्ट फूड और जंक फूड
- एक्सरसाइज की कमी
- तनाव
- मोटापा
- नींद पूरी न होना
- सिर्फ दाल खाने से नहीं होगा पूरा इलाज
ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने के आसान तरीके
- रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें
- नमक कम खाएं
- धूम्रपान और शराब से बचें
- वजन कंट्रोल रखें
- तनाव कम लें
- हरी सब्जियां और फल ज्यादा खाएं
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


