रीवा के बायपास मार्ग स्थित बीहर नदी पर बने क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का काम अभी भी धीमी गति से चल रहा है। पुल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और फिलहाल यह साफ नहीं है कि यातायात बहाल होने में कितना समय लगेगा। मौके पर पुल की स्थिति देखने पर पता चलता है कि गर्डर उठाने की प्रक्रिया में एलाइनमेंट भी प्रभावित हुआ है, जिससे तकनीकी दिक्कतें बढ़ गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली से मरम्मत कार्य के लिए आई कंपनी डीजीसी इंफ्रा के इंजीनियरों ने प्रारंभिक राय में पुल को तोड़कर नए सिरे से निर्माण योग्य बताया था। हालांकि अंतिम निर्णय जिला प्रशासन को लेना है। फिलहाल कंपनी केवल मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। पुल के पिलरों के बीच गैप भी बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने इस मामले में खुलकर जानकारी देने से बचाव किया है। बताया जा रहा है कि पुल को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में अभी एक महीने से अधिक समय लग सकता है। गौरतलब है कि बीहर नदी पुल की मरम्मत को लेकर प्रशासन ने 10 मई तक काम पूरा कर यातायात बहाल करने का दावा किया था, लेकिन तय समय सीमा गुजरने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुल पर आवागमन कब शुरू होगा। डीजीसी इंफ्रा के इंजीनियरों का मानना है कि जल्दबाजी में यातायात बहाल करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। उल्लेखनीय है कि पुल के बेयरिंग खराब होने, गर्डर में दरार आने और पेयर कैप क्षतिग्रस्त पाए जाने के बाद 5 अप्रैल से भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी। वैकल्पिक मार्ग नहीं मिलने के कारण भारी वाहनों को शहर के भीतर से गुजरना पड़ रहा है। इससे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और लोगों को जाम, धूल तथा दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।


