रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने मौजूदा आईपीएल 2026 में अपनी लय वापस पा ली है। उन्होंने इस सीजन में अब तक 22 विकेट लिए हैं और इस पैसे वाली लीग में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। इसके बाद, कई विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी की वकालत की है, जो मुश्किल लग रहा है क्योंकि भुवनेश्वर पहले ही 36 साल के हो चुके हैं और भारत की टी20I टीम काफी युवा है और भविष्य के लिए तैयारी कर रही है।
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हालांकि, भुवनेश्वर को स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का समर्थन प्राप्त है। पूर्व कप्तान ने कहा कि तकनीकी क्षमता वाले खिलाड़ी हमेशा कोई न कोई रास्ता ढूंढ लेते हैं और यह अक्सर उन्हें मुश्किल दौर से बाहर निकालता है। कोलही ने मयंती लंगर के साथ आरसीबी के पॉडकास्ट में कहा कि जब आपके पास तकनीकी क्षमता होती है, तो आप हमेशा तालमेल बिठा सकते हैं और खासकर जब आप मुश्किल दौर से गुजर रहे हों, तो तकनीकी आधार वाले खिलाड़ियों के लिए रन बनाने या विकेट लेने का रास्ता ढूंढना आसान होता है।
आगे बताते हुए कोहली ने कहा कि टेस्ट मैच में सही लेंथ पर गेंदबाजी करना कभी आसान काम नहीं होता, लेकिन भुवनेश्वर ने इसमें महारत हासिल कर ली है और इसका नतीजा सबके सामने है। उनका मानना है कि भुवनेश्वर पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजों को चुनौती दे रहे हैं और उन्होंने एक खिलाड़ी को निखारने में कड़ी मेहनत और निरंतरता की अहम भूमिका पर जोर दिया।
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कोहली ने कहा कि भुवी क्या कर रहे हैं? वो सिर्फ आसान इनस्विंगर या आउटस्विंगर नहीं फेंक रहे हैं। वो ऐसी लेंथ पर गेंदबाजी कर रहे हैं जिससे बल्लेबाजों को लग रहा है कि मैं हर बार इस लेंथ पर गेंद डालने में सक्षम हूं। यह सबसे मुश्किल लेंथ है और मैं बस इसी लेंथ पर गेंद डालता रहूंगा। क्या आप मुझ पर हावी होने के लिए काफी सक्षम हैं? यह बहुत आसान है। अभ्यास, क्रियान्वयन, सरलता, निरंतरता और अटूट आत्मविश्वास का मेल। वो बस यही कर रहे हैं। नतीजे देखिए। उन्होंने 11 मैचों में छह बार तीन-तीन विकेट लिए हैं। यह कमाल है। इस सीजन में उनकी इकॉनमी रेट 8 से भी कम है।
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