धरहरा के ईटवा में पंचकुंडी महाविष्णु यज्ञ:श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु, मनोहारी झांकी ने मोहा मन

धरहरा के ईटवा में पंचकुंडी महाविष्णु यज्ञ:श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु, मनोहारी झांकी ने मोहा मन

धरहरा प्रखंड के ईटवा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में नौ दिवसीय पंचकुंडी महाविष्णु यज्ञ का आयोजन किया गया। गुरुवार रात यज्ञ के आठवें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यज्ञशाला परिसर देर रात तक वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान रहा। वृंदावन से आईं कथावाचिका कृष्णा प्रियंका ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। इसे देखकर श्रद्धालु उत्साहित हुए और पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। कथावाचिका कृष्णा प्रियंका ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, मानवता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक मौजूद रहे। यज्ञाचार्य गोपाल शास्त्री और उनके सहयोगी आचार्यों ने पंचकुंडी महाविष्णु यज्ञ का विधिवत पूजन-अर्चन और हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन को सफल बनाने में पंकज सिंह, मिलिन पटेल, बिस्टू सिंह, राकेश पटेल, बाबू साहब उर्फ मरांडी सहित कई ग्रामीणों ने सहयोग किया। धरहरा प्रखंड के ईटवा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में नौ दिवसीय पंचकुंडी महाविष्णु यज्ञ का आयोजन किया गया। गुरुवार रात यज्ञ के आठवें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यज्ञशाला परिसर देर रात तक वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान रहा। वृंदावन से आईं कथावाचिका कृष्णा प्रियंका ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। इसे देखकर श्रद्धालु उत्साहित हुए और पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। कथावाचिका कृष्णा प्रियंका ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, मानवता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक मौजूद रहे। यज्ञाचार्य गोपाल शास्त्री और उनके सहयोगी आचार्यों ने पंचकुंडी महाविष्णु यज्ञ का विधिवत पूजन-अर्चन और हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन को सफल बनाने में पंकज सिंह, मिलिन पटेल, बिस्टू सिंह, राकेश पटेल, बाबू साहब उर्फ मरांडी सहित कई ग्रामीणों ने सहयोग किया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *