मिर्जापुर में एक नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी शाहिल उर्फ शेरू को 12 साल की साज सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है।यह मामला कटरा कोतवाली क्षेत्र के बड़ी बसही निवासी शाहिल उर्फ शेरू पुत्र जमील अहमद से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, 12 अप्रैल 2022 को कटरा कोतवाली में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस शिकायत के आधार पर कटरा कोतवाली पर संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी शाहिल उर्फ शेरू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सनातन, विवेचक विनय कुमार राय, कोर्ट मुहर्रिर संजय सिंह चौहान, महिला मुख्य आरक्षी प्रज्ञा चतुर्वेदी और पैरोकार राजीव यादव ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने सभी आवश्यक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश सुनीता सिंह नागौर ने आरोपी को दोषी ठहराया। उन्होंने शाहिल उर्फ शेरू को 12 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को चार माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।


