मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा के बागेश्वरी मूक बधिर विद्यालय में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट मामले में दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 4 दिन पहले सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया था। गुरुवार को मामले में सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी और जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो में विद्यालय के हॉस्टल में रह रहे मूक-बधिर बच्चों की बेरहमी से पिटाई, डराने-धमकाने और एक बच्चे के साथ आपत्तिजनक व्यवहार जैसे दृश्य सामने आए थे। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई। जांच टीम में एसडीओ पूर्वी, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, मुशहरी बीडीओ और मिठनपुरा थानाध्यक्ष को शामिल किया गया। मूक-बधिर बच्चों से मारपीट के सामने आए 3 वीडियो देखिए बच्चों से पूछताछ में मारपीट की पुष्टि, जांच में जुटी पुलिस सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक संजय कुमार ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में बच्चों के साथ मारपीट की पुष्टि होने के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठे। इसके बाद विद्यालय संचालक संजय कुमार और आरोपी कर्मचारी राजू कुमार के खिलाफ मिठनपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। गुरुवार को सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने कहा कि वायरल वीडियो जांच में सही पाया गया है। उन्होंने बताया कि संस्था के संस्थापक संजय कुमार और कर्मचारी राजू कुमार पर केस दर्ज किया गया है। साथ ही संस्था प्रबंधन ने आरोपी कर्मचारी को हटाने की जानकारी दी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जिलाधिकारी ने कहा- एसडीओ, चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट से रिपोर्ट मांगी वहीं जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि मामला सामने आते ही तत्काल जांच कराई गई और एसएसपी से बात कर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एसडीओ और चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट को विस्तृत जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस घटना ने एक बार फिर संवेदनशील संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है। मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा के बागेश्वरी मूक बधिर विद्यालय में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट मामले में दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 4 दिन पहले सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया था। गुरुवार को मामले में सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी और जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो में विद्यालय के हॉस्टल में रह रहे मूक-बधिर बच्चों की बेरहमी से पिटाई, डराने-धमकाने और एक बच्चे के साथ आपत्तिजनक व्यवहार जैसे दृश्य सामने आए थे। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई। जांच टीम में एसडीओ पूर्वी, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, मुशहरी बीडीओ और मिठनपुरा थानाध्यक्ष को शामिल किया गया। मूक-बधिर बच्चों से मारपीट के सामने आए 3 वीडियो देखिए बच्चों से पूछताछ में मारपीट की पुष्टि, जांच में जुटी पुलिस सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक संजय कुमार ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में बच्चों के साथ मारपीट की पुष्टि होने के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठे। इसके बाद विद्यालय संचालक संजय कुमार और आरोपी कर्मचारी राजू कुमार के खिलाफ मिठनपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। गुरुवार को सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने कहा कि वायरल वीडियो जांच में सही पाया गया है। उन्होंने बताया कि संस्था के संस्थापक संजय कुमार और कर्मचारी राजू कुमार पर केस दर्ज किया गया है। साथ ही संस्था प्रबंधन ने आरोपी कर्मचारी को हटाने की जानकारी दी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जिलाधिकारी ने कहा- एसडीओ, चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट से रिपोर्ट मांगी वहीं जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि मामला सामने आते ही तत्काल जांच कराई गई और एसएसपी से बात कर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एसडीओ और चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट को विस्तृत जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस घटना ने एक बार फिर संवेदनशील संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।


