‘एसआर’ मामलों को जल्द निपटाएं-DIG:मोहनिया ऑफिस का निरीक्षण किया, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की समीक्षा

‘एसआर’ मामलों को जल्द निपटाएं-DIG:मोहनिया ऑफिस का निरीक्षण किया, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की समीक्षा

शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने मोहनिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर कैमूर एसपी हरमोहन शुक्ला और मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार ने उनका स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। निरीक्षण के दौरान, डीआईजी ने कार्यालय के अभिलेखों, उपस्थिति पंजी और लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने ‘एसआर’ (स्पेशल रिपोर्ट) मामलों के त्वरित निपटारे और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। डीआईजी ने फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और शराबबंदी कानून के सख्त अनुपालन में कोई ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। मीडिया से बात करते हुए डॉ. सत्य प्रकाश ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने रामगढ़ थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई बरामदगी और अज्ञात शवों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की। डीआईजी ने घोषणा की कि अपराधियों के बारे में सूचना देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। बैठक में उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को फील्ड में गश्त बढ़ाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने मोहनिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर कैमूर एसपी हरमोहन शुक्ला और मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार ने उनका स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। निरीक्षण के दौरान, डीआईजी ने कार्यालय के अभिलेखों, उपस्थिति पंजी और लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने ‘एसआर’ (स्पेशल रिपोर्ट) मामलों के त्वरित निपटारे और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। डीआईजी ने फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और शराबबंदी कानून के सख्त अनुपालन में कोई ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। मीडिया से बात करते हुए डॉ. सत्य प्रकाश ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने रामगढ़ थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई बरामदगी और अज्ञात शवों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की। डीआईजी ने घोषणा की कि अपराधियों के बारे में सूचना देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। बैठक में उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को फील्ड में गश्त बढ़ाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।  

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