आलीराजपुर जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत के बीच जिला प्रशासन की रिपोर्ट ने संकट की पुष्टि की है। जिले के कुल 31 पेट्रोल पंपों में से 21 पूरी तरह से सूख चुके हैं। ईंधन की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से 150 से 180 रुपए प्रति लीटर तक पेट्रोल बिकने की खबरें आ रही हैं, जिससे आम जनता को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। मांगलिया डिपो के अधिकारियों ने मिलने से किया इनकार पेट्रोल पंप संचालक संघ जिला अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने बताया कि संकट के समाधान के लिए संचालक इंदौर के मांगलिया डिपो पहुंचे थे। आरोप है कि डिपो के अधिकारियों ने उनसे मिलने से मना कर दिया। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद संचालकों को बिना किसी ठोस आश्वासन के वापस लौटना पड़ा। टैंकरों की समय पर आपूर्ति न होना इस किल्लत का मुख्य कारण बताया जा रहा है। वाहन चालकों के लिए ईंधन की सीमा निर्धारित जिन 10 पंपों पर फिलहाल स्टॉक बचा है, वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राशनिंग शुरू कर दी गई है। बाइक चालकों को 100 से 200 रुपए और डीजल वाहनों को अधिकतम 500 रुपए तक का ही ईंधन दिया जा रहा है। आपूर्ति बाधित होने से ट्रैक्टर और मालवाहक वाहनों के पहिये थमने लगे हैं, जिससे परिवहन और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दो दिनों से सड़कों पर भटक रहे लोग जिले के अधिकांश पंप पिछले 48 घंटों से बंद हैं। सुबह से ही लोग खाली डिब्बे और वाहन लेकर पंपों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने के बोर्ड लटके मिलने से उन्हें निराशा हाथ लग रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तेल कंपनियों से समन्वय कर तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके। देखें लिस्ट…


