अलवर। बहरोड़ क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। ईंधन की सीमित सप्लाई के चलते पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल वितरण पर सीमा तय कर दी है। इससे शहर और आसपास के इलाकों में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से पर्याप्त मात्रा में तेल की सप्लाई नहीं पहुंच रही है।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की ओर से हाल ही में ईंधन के सीमित उपयोग की सलाह के बाद भी तेल बचाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में उपलब्ध स्टॉक को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा है।
ईंधन की किल्लत
बहरोड़ शहर और आसपास के कई पेट्रोल पंपों पर दोपहिया वाहनों को केवल 100 रुपए तक का पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं चारपहिया वाहनों को 500 रुपए तक का डीजल या पेट्रोल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। अचानक लागू की गई इस व्यवस्था से वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ गई है। कई लोग जरूरत के अनुसार ईंधन नहीं मिलने पर पंप कर्मचारियों से बहस करते नजर आ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि सीमित तेल मिलने से उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कत हो रही है। व्यापार, यात्रा और अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को बार-बार पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
डिपो से ही तेल की पूरी सप्लाई नहीं
बहरोड़ स्थित एचपी पेट्रोल पंप संचालक मदन यादव ने बताया कि डिपो से पर्याप्त मात्रा में तेल नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उपलब्ध स्टॉक को ज्यादा समय तक चलाने और अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सप्लाई सामान्य होगी, पहले जैसी व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
उपभोक्ताओं में रोष, पंपों पर बहस
उपभोक्ता सुरेश अग्रवाल, पवन यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर एक लीटर तक पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कुछ हाईवे स्थित पेट्रोल पंपों पर केवल स्थायी ग्राहकों को तेल दिए जाने की चर्चा भी सामने आ रही है। इससे आम वाहन चालकों में असंतोष बढ़ गया है और कई जगह विवाद की स्थिति बन रही है। स्थिति को देखते हुए लोग जल्द सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि रोजमर्रा की जिंदगी फिर से सामान्य हो सके।


