बिहार: नवादा में अवैध बालू खनन रोकने पहुंची पुलिस टीम पर माफियाओं ने बालू लदा ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे एएसआई नागेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, जबकि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
बिहार में बालू माफियाओं ने एक बार फिर जानलेवा हमला किया है। नवादा में अवैध बालू खनन की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर खनन माफियाओं ने बालू से लदा ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इस घटना में नारदीगंज थाना के एएसआई नागेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए नवादा से पटना रेफर किया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। नवादा एसपी अभिनव धीमान ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान चलाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
बालू माफियाओं ने ASI पर चढ़ाया ट्रैक्टर
यह घटना नारदीगंज थाना क्षेत्र के मधुबन गांव के पास की है। गुप्त सूचना के आधार पर नवादा पुलिस गांव के समीप अवैध बालू खनन और लोडिंग की जांच करने पहुंची थी। इसी दौरान एएसआई नागेंद्र कुमार ने जैसे ही बालू लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, बालू माफियाओं ने बिना देर किए ट्रैक्टर उनके ऊपर चढ़ा दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल एएसआई को तुरंत नवादा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, एएसआई नागेंद्र कुमार की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद नवादा एसपी अभिनव धीमान ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बालू माफियाओं पर सख्ती
नवादा के एसपी अभिनव धीमान ने इस घटना के बाद अवैध बालू खनन के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस लगातार बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिससे वे बौखला गए हैं। एसपी ने दावा किया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थाने के सामने चौकीदार पर हमला
इससे पहले नवादा में थाना के सामने अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश करने पर बालू माफियाओं ने एक चौकीदार पर जानलेवा हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल चौकीदार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे। विपक्ष का कहना था कि जब थाने के सामने ही पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?


