भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के बिहार विधान परिषद उपचुनाव के दौरान आरा सदर प्रखंड स्थित मतदान केंद्र पर नोकझोंक हुई थी। जो अब कानूनी मोड़ ले चुका है। मतदान केंद्र पर ड्यूटी में तैनात जोनल दंडाधिकारी सह अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी शशि भूषण तिवारी के बयान पर राजद प्रत्याशी सोनू राय समेत चार-पांच अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और हमला करने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मजिस्ट्रेट से तीखी बहस हो गई थी दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 12 मई को बक्सर-सह-भोजपुर स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र उपनिर्वाचन के दौरान आरा सदर प्रखंड परिसर स्थित बूथ संख्या-4 पर राजद उम्मीदवार सोनू राय अपने कुछ समर्थकों के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहुंचते ही उन्होंने ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट से तीखी बहस शुरू कर दी और उनका पहचान पत्र दिखाने की जिद करने लगे। शशि भूषण तिवारी ने प्राथमिकी में कहा है कि उन्होंने खुद को जोनल दंडाधिकारी बताते हुए चुनाव ड्यूटी पर तैनात होने की जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। धक्का-मुक्की भी की गई प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपितों की ओर से धक्का-मुक्की की गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया। मजिस्ट्रेट ने आरोप लगाया है कि स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई थी और आरोपितों की मंशा हमला करने की प्रतीत हो रही थी। घटना के समर्थन में वीडियो क्लिप भी साक्ष्य के रूप में पुलिस को उपलब्ध कराया गया है। वीडियो के आधार पर कार्रवाई हो रही दरअसल, मतदान के दिन आरा सदर प्रखंड परिसर में हुए हंगामें का वीडियो सोशल मीडिया पर आया। वीडियो में मतदान केंद्र के बाहर प्रत्याशी समर्थकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के बिहार विधान परिषद उपचुनाव के दौरान आरा सदर प्रखंड स्थित मतदान केंद्र पर नोकझोंक हुई थी। जो अब कानूनी मोड़ ले चुका है। मतदान केंद्र पर ड्यूटी में तैनात जोनल दंडाधिकारी सह अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी शशि भूषण तिवारी के बयान पर राजद प्रत्याशी सोनू राय समेत चार-पांच अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और हमला करने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मजिस्ट्रेट से तीखी बहस हो गई थी दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 12 मई को बक्सर-सह-भोजपुर स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र उपनिर्वाचन के दौरान आरा सदर प्रखंड परिसर स्थित बूथ संख्या-4 पर राजद उम्मीदवार सोनू राय अपने कुछ समर्थकों के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहुंचते ही उन्होंने ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट से तीखी बहस शुरू कर दी और उनका पहचान पत्र दिखाने की जिद करने लगे। शशि भूषण तिवारी ने प्राथमिकी में कहा है कि उन्होंने खुद को जोनल दंडाधिकारी बताते हुए चुनाव ड्यूटी पर तैनात होने की जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। धक्का-मुक्की भी की गई प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपितों की ओर से धक्का-मुक्की की गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया। मजिस्ट्रेट ने आरोप लगाया है कि स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई थी और आरोपितों की मंशा हमला करने की प्रतीत हो रही थी। घटना के समर्थन में वीडियो क्लिप भी साक्ष्य के रूप में पुलिस को उपलब्ध कराया गया है। वीडियो के आधार पर कार्रवाई हो रही दरअसल, मतदान के दिन आरा सदर प्रखंड परिसर में हुए हंगामें का वीडियो सोशल मीडिया पर आया। वीडियो में मतदान केंद्र के बाहर प्रत्याशी समर्थकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


