जालोरी गेट चौराहे पर लगेगी बिस्सा की प्रतिमा पर छतरी:भक्ति संध्या के साथ हुई सौंदर्यीकरण की शुरुआत, विधायक बोले- बाधाओं को पार कर शुरू किया काम

जालोरी गेट चौराहे पर लगेगी बिस्सा की प्रतिमा पर छतरी:भक्ति संध्या के साथ हुई सौंदर्यीकरण की शुरुआत, विधायक बोले- बाधाओं को पार कर शुरू किया काम

जोधपुर के जालोरी गेट चौराहे पर स्थापित शहीद बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा स्थल पर छतरी बनाने के कार्य का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। शहर विधायक अतुल भंसाली के विधायक कोष से जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से यहां पर 25 लाख रुपए की लागत से सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर यहां मंगलवार शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं से लेकर अमर शहीद बिस्सा के परिवार और समाज के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर शहर विधायक अतुल भंसाली ने कहा कि अमर शहीद बालमुकुंद बिस्सा, भंवरलाल आसोपा दोनों गौ रक्षक थे। जिसमें बिस्सा की मूर्ति जालोरी गेट चौराहे पर और भंवरलाल आसोपा की मूर्ति पांचवी रोड चौराहे पर लगी हुई थी। आम जन की यह भावना थी कि जिस चौराहे पर उनकी मूर्ति स्थापित की गई है, वहां सौंदर्यीकरण होना चाहिए। जन भावना के अनुरूप आज मूर्ति के ऊपर छतरी बनाने का काम विधायक कोटे से जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से शुरू किया गया है। उस कार्य को शुरू करने में जितनी भी बाधाएं आई उन सब को दूर किया गया और अब यह जल्द ही कार्य पूरा होगा। बता दें कि 24 दिसंबर 1908 को पीलवा में जन्मे बिस्सा 19 जून 1942 को शहीद हो गए थे। उनकी जोधपुर के जालोरी गेट चौराहे पर प्रतिमा स्थापित की गई थी। यहां साल 2022 में हुए दंगों के चलते बैरिकेडिंग कर दी गई थी। आज भी कार्यक्रम को लेकर यहां पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद थे। 1942 में हुआ निधन बिस्सा जोधपुर शहर के रहने वाले थे। 26 मई 1942 में देश की आजादी के लिए सत्याग्रहियों ने जेल भरो आंदोलन की शुरुआत की थी। जिसमें उस समय के भारत रक्षा कानून के तहत बालमुकुंद बिस्सा को गिरफ्तार कर जेल में नजरबंद कर दिया गया था। सेंट्रल जेल में उन्होंने भूख हड़ताल कर दी थी, उसके चलते उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। उन्हें 15 जून को तब के विंडम हॉस्पिटल और वर्तमान के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। जहां 19 जून 1942 को उनका निधन हो गया था।

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