कुशेश्वरस्थान डिग्री कॉलेज के स्थायी भवन के लिए जगह तय:सहोरवा घाट कृषि फार्म के 22 एकड़ 95 डिसमिल भूमि पर निर्माण होगा

कुशेश्वरस्थान डिग्री कॉलेज के स्थायी भवन के लिए जगह तय:सहोरवा घाट कृषि फार्म के 22 एकड़ 95 डिसमिल भूमि पर निर्माण होगा

कुशेश्वरस्थान प्रखंड में राजकीय डिग्री कॉलेज के स्थायी निर्माण को लेकर हरौली पंचायत स्थित सहोरवा घाट के कृषि फार्म की 22 एकड़ 95 डिसमिल भूमि को सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। इस प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी सहमति जताई है। आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार यादव ने बताया कि हरौली पंचायत प्रखंड की 14 पंचायतों के मध्य में स्थित है। सहोरवा घाट का कृषि फार्म भी पंचायत के केंद्र में स्थित होने के कारण पूरे प्रखंड का केंद्रीय बिंदु बन जाता है। उन्होंने कहा कि यदि यहां कॉलेज का निर्माण होता है तो चिगरी-सिमराहा, दिनमो, गोठानी समेत प्रखंड के विभिन्न इलाकों से आने वाले छात्र-छात्राओं को केवल 5 से 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इससे छात्रों को आर्थिक, शारीरिक और यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी। खासकर गरीब परिवारों के छात्र-छात्राएं और बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल सकेगा। प्रतियोगी परीक्षा केंद्र के लिए भी उपयुक्त स्थान हरौली गांव निवासी रमेश कुमार रौनक ने बताया कि डिग्री कॉलेजों को अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र बनाया जाता है, जहां बाहरी छात्रों का भी आना-जाना होता है। ऐसे में सहोरवा घाट का कृषि फार्म काफी उपयुक्त स्थान है, क्योंकि यह सतीघाट-राजघाट मुख्य मार्ग और एसएच-56 के समीप स्थित है। उन्होंने कहा कि सहोरवा घाट प्रखंड का बड़ा बाजार भी है, जिससे बाहरी छात्रों को आवागमन और ठहरने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। जनप्रतिनिधियों ने जताई सहमति इस स्थान पर डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए वरना पंचायत के मुखिया मुजीब, बड़गांव पंचायत के मुखिया, हरौली पंचायत के मुखिया राजीव कुमार झा और गोठानी पंचायत के मुखिया समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी सहमति दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां कॉलेज बनने से पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी। कुशेश्वरस्थान प्रखंड में राजकीय डिग्री कॉलेज के स्थायी निर्माण को लेकर हरौली पंचायत स्थित सहोरवा घाट के कृषि फार्म की 22 एकड़ 95 डिसमिल भूमि को सबसे उपयुक्त स्थान माना जा रहा है। इस प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी सहमति जताई है। आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार यादव ने बताया कि हरौली पंचायत प्रखंड की 14 पंचायतों के मध्य में स्थित है। सहोरवा घाट का कृषि फार्म भी पंचायत के केंद्र में स्थित होने के कारण पूरे प्रखंड का केंद्रीय बिंदु बन जाता है। उन्होंने कहा कि यदि यहां कॉलेज का निर्माण होता है तो चिगरी-सिमराहा, दिनमो, गोठानी समेत प्रखंड के विभिन्न इलाकों से आने वाले छात्र-छात्राओं को केवल 5 से 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इससे छात्रों को आर्थिक, शारीरिक और यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी। खासकर गरीब परिवारों के छात्र-छात्राएं और बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल सकेगा। प्रतियोगी परीक्षा केंद्र के लिए भी उपयुक्त स्थान हरौली गांव निवासी रमेश कुमार रौनक ने बताया कि डिग्री कॉलेजों को अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र बनाया जाता है, जहां बाहरी छात्रों का भी आना-जाना होता है। ऐसे में सहोरवा घाट का कृषि फार्म काफी उपयुक्त स्थान है, क्योंकि यह सतीघाट-राजघाट मुख्य मार्ग और एसएच-56 के समीप स्थित है। उन्होंने कहा कि सहोरवा घाट प्रखंड का बड़ा बाजार भी है, जिससे बाहरी छात्रों को आवागमन और ठहरने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। जनप्रतिनिधियों ने जताई सहमति इस स्थान पर डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए वरना पंचायत के मुखिया मुजीब, बड़गांव पंचायत के मुखिया, हरौली पंचायत के मुखिया राजीव कुमार झा और गोठानी पंचायत के मुखिया समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी सहमति दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां कॉलेज बनने से पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी।  

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