अहमदाबाद पुलिस में तैनात राजस्थान के एक युवक के खिलाफ पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। युवक अहमदाबाद के वासणा क्षेत्र स्थित सैटेलाइट पुलिस स्टेशन में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात है। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग और करणी सेना के कार्यकर्ता अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। राजस्थान के करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी कॉन्स्टेबल की तत्काल गिरफ्तारी, हत्या का मामला दर्ज करने और जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की। जोधपुर की गीता राजपुरोहित ने अहमदाबाद में किया था सुसाइड जोधपुर के पाल गांव निवासी गीता राजपुरोहित (35) पुत्र जेठू सिंह की शादी 2013 में पाली जिले के शिवतलाव निवासी अर्जुनसिंह से हुई थी। 15 अप्रैल को अहमदाबाद के वासणा इलाके में गीता राजपुरोहित फंदे पर लटकी मिली थीं। मामले में मृतका के पीहर पक्ष ने वासणा पुलिस थाने में पति अर्जुन पुरोहित के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर रिपोर्ट दी थी। 20 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, समाज में बढ़ा गुस्सा एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी कॉन्स्टेबल की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतका के परिजन और राजस्थानी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग रैली के रूप में अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। राजस्थान के विभिन्न संगठनों के लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस कमिश्नर कार्यालय के गेट बंद कर दिए गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार बोला- आत्महत्या नहीं, सुनियोजित हत्या मृतका के परिजनों का आरोप है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। परिवार का कहना है कि आरोपी पति गीता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। आरोप है कि वह अक्सर विवाद और मारपीट करता था। परिजनों का दावा है कि अर्जुन ने गीता के भाई नत्थू सिंह को फोन कर कहा था कि बेटे की मेडिकल रिपोर्ट अच्छी नहीं आने के कारण गीता परेशान है और उसने नींद की गोलियां लेकर सो गई है। हालांकि, वीडियो कॉल के दौरान गीताबेन आधी बेहोश नजर आ रही थी। इसके बाद नत्थू सिंह तुरंत जोधपुर से अहमदाबाद के लिए रवाना हो गया। इसी दौरान जेठ ने गीता के आत्महत्या किए जाने की सूचना दी। कमिश्नर से मुलाकात नहीं होने पर धरने पर बैठे परिजन प्रदर्शन के दौरान मृतका के परिवार को अंदर ले जाया गया, लेकिन पुलिस कमिश्नर से मुलाकात नहीं होने पर परिजन नाराज हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस कमिश्नर उनसे मुलाकात नहीं करते हैं तो वे कार्यालय के बाहर ही धरना जारी रखेंगे। बाद में पुलिस कमिश्नर की अनुपस्थिति में परिवार को प्रभारी कमिश्नर के सामने अपनी बात रखने के लिए ले जाया गया। परिवार की तीन बड़ी मांगें मृतका के परिजनों ने आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा हटाकर हत्या का मामला दर्ज करने, आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी करने और मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की है। परिवार पिछले 20 दिनों से वासणा पुलिस स्टेशन के बाहर धरना और विरोध प्रदर्शन भी कर रहा है।


